Raigarh News: रायगढ़ में 163 खिलाड़ियों ने बिछाई शतरंज की बिसात, महापौर जीवर्धन बोले- ‘शह-मात से मिलती है जीवन की सीख’

Raigarh News: रायगढ़ के पीएमश्री नटवर स्कूल हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में रविवार को रायगढ़ डिस्ट्रिक्ट वन डे रैपिड चेस टूर्नामेंट 2026 का आगाज हुआ। राइसोनी फाउंडेशन स्पोर्ट्स कल्चर के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में अंडर-7 से लेकर अंडर-15, महिला और वरिष्ठ वर्ग के कुल 163 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान ने की। इस दौरान उन्होंने शतरंज को केवल दिमाग का खेल नहीं, बल्कि जीवन में धैर्य, संतुलन और हार के बाद दोबारा मजबूती से खड़े होने की सीख देने वाला खेल बताया।

प्रतियोगिता में भाजपा महामंत्री विकास केड़िया, जिला भाजपा सह प्रवक्ता अशोक अग्रवाल, युवा भाजपा नेता प्रवीण द्विवेदी और अल्पसंख्यक मोर्चा के नियाज खान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष अशोक पटेल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों और आयोजकों में उत्साह दिखाई दिया।

163 खिलाड़ियों ने संभाली शतरंज की बिसात

रायगढ़ डिस्ट्रिक्ट वन डे रैपिड चेस टूर्नामेंट 2026 को जिले के उभरते शतरंज खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जा रहा है। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के खिलाड़ियों को एक साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला है।

जिला शतरंज संघ के सचिव कार्तिकेश्वर मैत्री के अनुसार, प्रतियोगिता में कुल 163 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इसमें अंडर-7, अंडर-9, अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, महिला और वरिष्ठ शतरंज खिलाड़ी शामिल हैं।

आयोजकों का उद्देश्य जिले में शतरंज को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को नियमित प्रतियोगिताओं के माध्यम से बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। छोटी उम्र के खिलाड़ियों को प्रतियोगी माहौल मिलने से उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है।

महापौर ने बताई शतरंज की सीख

प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान ने खिलाड़ियों को खेल दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शतरंज को दिमाग का खेल बताते हुए कहा कि मानसिक संतुलन के लिए खेल के साथ ज्ञान और नियमित वॉक जैसी गतिविधियों की भी जरूरत है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और संतुलित मन के साथ व्यक्ति बेहतर तरीके से जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकता है। शतरंज के खेल में खिलाड़ी को हर चाल सोच-समझकर चलनी होती है और सामने वाले की रणनीति को समझते हुए अपनी अगली चाल की तैयारी करनी होती है।

महापौर ने इसी प्रक्रिया को जीवन से जोड़ते हुए कहा कि शह और मात के इस खेल से जीवन जीने की सीख मिलती है। सुख के बाद दुख आने पर निराश होने के बजाय व्यक्ति को कठिन समय का सामना करना चाहिए और हार से सीख लेकर अगली जीत के लिए खुद को मजबूत बनाना चाहिए।

खिलाड़ियों की मांग से मिला स्थान

महापौर जीवर्धन चौहान ने प्रतियोगिता के दौरान शतरंज खिलाड़ियों की पुरानी मांग का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष अग्रोहा भवन में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने खेलने के लिए स्थायी या उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग की थी।

महापौर ने खिलाड़ियों की इस समस्या को वित्त मंत्री एवं विधायक ओपी चौधरी के सामने रखा था। इसके बाद खिलाड़ियों के लिए स्थान की स्वीकृति मिली।

इसी सहयोग के लिए महापौर ने कार्यक्रम के मंच से विधायक ओपी चौधरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और खेलने के लिए उचित स्थान मिलने से जिले में शतरंज को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

विकास केड़िया ने की पहल की सराहना

भाजपा महामंत्री विकास केड़िया ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के बहाने शतरंज खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने और उनकी प्रतिभा को सामने लाने का प्रयास सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित होने से छोटे बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। यही बच्चे आगे चलकर जिले और क्षेत्र का नाम बड़े स्तर की शतरंज प्रतियोगिताओं में रोशन कर सकते हैं।

खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए स्थानीय प्रतियोगिताओं को महत्वपूर्ण माना जाता है। खिलाड़ियों को लगातार मुकाबले खेलने का अनुभव मिलने से उनकी रणनीतिक सोच और प्रतियोगिता के प्रति आत्मविश्वास विकसित हो सकता है।

खिलाड़ियों को मिला खेलने का स्थान

जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष अशोक पटेल ने बताया कि खिलाड़ियों ने पूर्व में महापौर जीवर्धन चौहान से शतरंज खेलने के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनकी मांग के बाद उन्हें लाइब्रेरी के पास स्थान मिला।

अशोक पटेल ने इसके लिए महापौर का आभार जताया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि भविष्य में भी शतरंज खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं और सहयोग मिलता रहेगा।

खिलाड़ियों के लिए नियमित अभ्यास और प्रतियोगिता के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध होना खेल के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे संसाधनों से खिलाड़ियों को अपनी तैयारी व्यवस्थित तरीके से करने का अवसर मिलता है।

विजेता को 30 हजार का पुरस्कार

आयोजकों ने प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक पुरस्कारों की व्यवस्था की है। जिला शतरंज संघ के सचिव कार्तिकेश्वर मैत्री ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेता को 30 हजार रुपये नगद और ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।

इसके अलावा करीब 100 खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार और सम्मान के जरिए आयोजकों का उद्देश्य खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें आगे भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करना है।

एक दिवसीय रैपिड चेस टूर्नामेंट होने के कारण खिलाड़ियों को कम समय में अपनी रणनीति तैयार कर चालें चलने की चुनौती भी मिलती है। इससे खेल में निर्णय लेने की क्षमता और एकाग्रता की परीक्षा होती है।

छोटी उम्र के खिलाड़ियों पर नजर

प्रतियोगिता में अंडर-7 वर्ग से लेकर अंडर-15 तक के खिलाड़ियों की भागीदारी इस आयोजन की खास बात रही। कम उम्र में शतरंज खेलने वाले बच्चों को प्रतिस्पर्धी मंच मिलने से उनकी रणनीतिक सोच को विकसित करने का अवसर मिलता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v