CG Crime News: अंबिकापुर में साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने और हवाला के जरिए रकम लेने के आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। मामले में वायरल हुए एक ऑडियो के आधार पर सरगुजा रेंज के IG दीपक कुमार झा ने साइबर सेल में पदस्थ ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को लाइन अटैच कर दिया है। दूसरी ओर, अंबिकापुर CSP और ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर भी रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन IG का कहना है कि अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
मामले में हरियाणा निवासी आकाश कुमार ने CBI से शिकायत की थी। FIR दर्ज नहीं होने के बाद उन्होंने दिल्ली स्थित CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई 18 अगस्त को निर्धारित की गई है।
वायरल ऑडियो के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई
मामले में सामने आए कथित वायरल ऑडियो के बाद पुलिस विभाग ने ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की है। दोनों अंबिकापुर साइबर सेल से जुड़े हुए बताए गए हैं। आरोप है कि साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई और जांच से संबंधित रियायत देने के बदले रिश्वत की मांग की गई।
सरगुजा IG दीपक कुमार झा के अनुसार, वायरल ऑडियो के आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। हालांकि, मामले में लगाए गए अन्य गंभीर आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब कथित रिश्वत प्रकरण से जुड़ी शिकायत दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट तक पहुंच चुकी है।
CSP राहुल बंसल पर भी लगाया गया आरोप
हरियाणा निवासी आकाश कुमार ने आरोप लगाया है कि साइबर ठगी से जुड़े मामले की जांच के दौरान अंबिकापुर CSP राहुल बंसल ने कथित तौर पर 1 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। शिकायतकर्ता के अनुसार, रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई थी।
शिकायत में दावा किया गया है कि ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा ने कथित तौर पर रकम के लेन-देन में बिचौलियों की भूमिका निभाई।
आरोपों के मुताबिक, रिश्वत की रकम दो किश्तों में 50-50 लाख रुपये के रूप में पहुंचाने की बात कही गई है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।
IG बोले- CSP के खिलाफ नहीं मिला सबूत
सरगुजा IG दीपक कुमार झा ने CSP राहुल बंसल के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अलग स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि 1 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन के संबंध में अब तक कोई ऐसा सबूत सामने नहीं आया है, जिससे CSP के खिलाफ आरोप साबित हो सकें।
IG के मुताबिक, साइबर रेंज थाना अंबिकापुर में दर्ज साइबर ठगी के मामले की जांच राहुल बंसल के नेतृत्व में चल रही थी। इस मामले में अलग-अलग राज्यों से कुल 23 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी पक्ष की ओर से CBI को शिकायत की गई थी। पुलिस ने शिकायत के संबंध में अपना जवाब भी दिया है। IG ने कहा कि 1 करोड़ रुपये के लेन-देन से जुड़े आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने को कहा गया था, लेकिन अब तक कोई प्रमाण पेश नहीं किया गया है।
CBI स्पेशल कोर्ट में दाखिल हुआ परिवाद
शिकायतकर्ता आकाश कुमार ने पहले CBI से शिकायत की थी। जब FIR दर्ज नहीं हुई तो उन्होंने दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दाखिल किया।
परिवाद में ट्रेनी IPS राहुल बंसल, ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A के साथ BNS की धारा 308 और 351 के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता की ओर से कोर्ट में शपथ-पत्र, WhatsApp चैट और कथित कॉल रिकॉर्डिंग जैसे दस्तावेज भी पेश किए गए हैं।
अब अदालत के स्तर पर यह देखा जाना बाकी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई होती है।
20 लाख की साइबर ठगी से शुरू हुआ मामला
जिस मामले की जांच को लेकर रिश्वत के आरोप लगाए गए हैं, उसकी शुरुआत कथित साइबर ठगी की शिकायत से हुई थी। अंबिकापुर के क्रशर संचालक रवि मोहन गोस्वामी ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर ‘मनी ट्रेड 365’ और ‘स्काई ट्रेड’ नाम के दो एप्लीकेशन इंस्टॉल कराए गए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 20 लाख 15 हजार रुपये की ठगी की गई।
बताया गया है कि यह राशि 17 से 18 अलग-अलग बैंक खातों में 84 किश्तों के जरिए जमा कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 318(4), 3(5) और IT एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया।
इस साइबर ठगी मामले की जांच CSP राहुल बंसल की अगुवाई में की जा रही थी।
23 आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी के इस मामले में अब तक अलग-अलग राज्यों से 23 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान आरोपियों और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई गई।
इसी जांच को लेकर अब आरोप सामने आया है कि मामले में जल्द चालान पेश करने और जांच रिपोर्ट में कथित तौर पर रियायत देने के बदले 1 करोड़ रुपये की मांग की गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम हवाला नेटवर्क के माध्यम से पहुंचाई गई। वहीं, पुलिस अधिकारियों की ओर से CSP के खिलाफ आरोपों के संबंध में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कही गई है।
कॉन्स्टेबल पर भी रकम मांगने का आरोप
शिकायत में कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, कॉन्स्टेबल ने अपने गैजेट खराब होने की बात कहते हुए रकम की मांग की और अंबिकापुर की एक मोबाइल दुकान में पैसे छोड़ने के लिए कहा।
इसी बातचीत से जुड़ा कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।
वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें हुई बातचीत की पूरी परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
मामले में अब CBI स्पेशल कोर्ट की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होनी है। अदालत में दाखिल परिवाद के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।
फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से ASI प्रवीण कुमार राठौर और कॉन्स्टेबल अंशुल शर्मा को लाइन अटैच किया गया है। वहीं CSP राहुल बंसल को लेकर IG ने स्पष्ट किया है कि उनके खिलाफ 1 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से संबंधित कोई सबूत अभी तक सामने नहीं आया है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




