CG News: गैस सिलेंडर की कथित कालाबाजारी पर हंगामा, कलेक्ट्रेट में शिकायत करने के बावजूद जनता को नहीं मिल रहा समाधान

CG News: बिलासपुर में घरेलू गैस सिलेंडर की कथित कालाबाजारी और वितरण में मनमानी को लेकर गुरुवार को बालाजी गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। ग्राहकों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद उनके मोबाइल पर आए OTP की जानकारी एजेंसी कर्मचारियों ने ले ली, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया। उपभोक्ताओं का दावा है कि बाद में कभी सिलेंडर खत्म होने तो कभी सर्वर डाउन होने का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद एजेंसी कर्मचारियों ने शटर गिरा दिया और विवाद को शांत कराने का प्रयास किया।

उपभोक्ताओं ने गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि सिलेंडर की कमी के बीच ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा और बुक किए गए सिलेंडर दूसरे लोगों को दिए जाने की आशंका है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

ऑनलाइन बुकिंग के बाद OTP लेने का आरोप

उपभोक्ताओं के मुताबिक, गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग कराने के बाद उनके मोबाइल नंबर पर बुकिंग से संबंधित मैसेज और OTP आता है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के कर्मचारी उन्हें फोन कर OTP की जानकारी लेते हैं और दो-तीन दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कहते हैं।

ग्राहकों का कहना है कि जब वे बुकिंग के आधार पर सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचते हैं तो उन्हें अलग-अलग कारण बताकर लौटा दिया जाता है। कभी सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की बात कही जाती है तो कभी सर्वर डाउन होने का हवाला दिया जाता है।

गुरुवार को भी कुछ उपभोक्ताओं के साथ कथित तौर पर ऐसा ही हुआ। इसके बाद नाराज ग्राहक एजेंसी पहुंच गए और वहां विवाद की स्थिति बन गई।

पुलिस पहुंची तो बंद कर दिया शटर

हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में एजेंसी कर्मचारियों ने शटर गिरा दिया। इसके बाद विवाद कर रहे उपभोक्ताओं को शांत कराया गया और उन्हें सिलेंडर देने की प्रक्रिया शुरू की गई।

उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि यदि उनकी बुकिंग के बाद सिलेंडर उपलब्ध था, तो पहले उन्हें अलग-अलग कारण बताकर क्यों लौटाया गया। ग्राहकों ने पूरे मामले की जांच कराने और गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

हालांकि, एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। इसलिए कथित कालाबाजारी और सिलेंडर दूसरे उपभोक्ताओं को दिए जाने के आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

तीन से पांच बार लगाने पड़ रहे चक्कर

ग्राहकों का कहना है कि गैस सिलेंडर लेने के लिए उन्हें कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के मुताबिक, उन्हें तीन से पांच बार तक एजेंसी पहुंचना पड़ा है। इससे उन लोगों को अधिक परेशानी हो रही है जो दूर-दराज के इलाकों से गैस सिलेंडर लेने पहुंचते हैं।

ग्राहकों का कहना है कि रोजमर्रा के कामकाज के बीच कई बार एजेंसी तक पहुंचने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलना बड़ी परेशानी बन गया है। बुजुर्ग और महिला उपभोक्ताओं ने भी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है।

उपभोक्ताओं की मांग है कि ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर सिलेंडर वितरण की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जिस ग्राहक के नाम पर सिलेंडर बुक हुआ है, उसे निर्धारित समय पर ही सिलेंडर मिले।

लाइसेंस नंबर नहीं होने का भी आरोप

हंगामे के दौरान उपभोक्ताओं ने एजेंसी परिसर में लाइसेंस नंबर प्रदर्शित नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि एजेंसी से संबंधित व्यवस्था और जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि ग्राहक जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर सकें।

ग्राहकों के मुताबिक, इस तरह की शिकायत पहले भी प्रशासन तक पहुंचाई जा चुकी है। इसके बावजूद उन्हें अब भी सिलेंडर लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी सामने आया है कि करीब तीन महीने पहले इसी तरह की समस्या को लेकर उपभोक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शिकायत की थी। उस समय कलेक्टर की गैरमौजूदगी में अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी से शिकायत की गई थी।

तीन महीने पहले भी कलेक्ट्रेट में शिकायत

उपभोक्ताओं के अनुसार, पिछली शिकायत के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों को एजेंसी में व्यवस्था सुधारने और ग्राहकों को परेशान नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद गुरुवार को एक बार फिर एजेंसी में विवाद की स्थिति बन गई।

ग्राहकों का सवाल है कि यदि पहले ही शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाती तो उन्हें दोबारा विरोध और हंगामे की स्थिति में नहीं जाना पड़ता।

अब पूरे मामले में खाद्य विभाग और संबंधित गैस कंपनी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। यदि शिकायतों की जांच में अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

OTP को लेकर ग्राहकों को भी चेतावनी

गैस और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से उपभोक्ताओं को OTP को लेकर सावधानी बरतने की बात कही गई है। ग्राहकों के मुताबिक, एजेंसी की ओर से फोन करके OTP लिया जाता है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को इस तरह OTP साझा करने से बचना चाहिए।

ग्राहकों का कहना है कि यदि OTP सिलेंडर वितरण प्रक्रिया का हिस्सा है तो एजेंसी को इस संबंध में स्पष्ट व्यवस्था और जानकारी देनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर क्यों नहीं मिल रहा है और OTP लेने के बाद भी उन्हें वापस क्यों लौटना पड़ रहा है।

कर्मचारियों के व्यवहार पर भी सवाल

महिला उपभोक्ताओं सहित कुछ ग्राहकों ने एजेंसी कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने पर कथित तौर पर अभद्रता की जाती है और कई बार गाली-गलौज तक की स्थिति बनती है।

कुछ ग्राहकों का आरोप है कि विवाद के दौरान कर्मचारियों की ओर से कथित तौर पर यह कहा जाता है कि जहां शिकायत करनी है, कर लें। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो उपभोक्ताओं के साथ व्यवहार को लेकर भी कार्रवाई का सवाल उठ सकता है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v