PM E-Bus Scheme: भिलाई-दुर्ग के लोगों को जल्द बड़ी सौगात मिलने वाली है। शहर में 50 Electric Buses के संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। E-Bus Depot का निर्माण पूरा हो चुका है और चार्जिंग सहित अधिकांश तकनीकी तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। अब केवल रेलवे से अंतिम अनुमति मिलना बाकी है। अनुमति मिलते ही बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
नई ई-बस सेवा शुरू होने के बाद भिलाई, दुर्ग और रायपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी।
Railway की मंजूरी मिलते ही शुरू होगा संचालन
नगर निगम भिलाई द्वारा ई-बस संचालन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा लगभग तैयार कर लिया गया है। बस स्टैंड बनकर तैयार है और चार्जिंग स्टेशन समेत जरूरी तकनीकी व्यवस्थाएं स्थापित की जा चुकी हैं। अधिकारियों के अनुसार रेलवे से अंतिम अनुमति मिलने के बाद प्रकाश व्यवस्था शुरू कर बसों का संचालन तत्काल प्रारंभ किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त सुरुचि सिंह ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और केवल अंतिम औपचारिकताएं बाकी हैं।
भिलाई से रायपुर समेत प्रमुख रूट पर चलेंगी बसें
इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन भिलाई से रायपुर सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर किया जाएगा। इससे रोजाना नौकरी, शिक्षा और अन्य कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
विशेष रूप से विद्यार्थी, सरकारी एवं निजी कर्मचारी और दैनिक यात्री इस सेवा से सबसे अधिक लाभान्वित होंगे।
छत्तीसगढ़ के चार शहरों को मिला लाभ
केंद्र सरकार ने PM E-Bus Scheme के तहत छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों को इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति दी है।
- रायपुर – 100 Electric Buses
- दुर्ग-भिलाई – 50 Medium Electric Buses
- बिलासपुर – 35 Medium और 15 Mini Electric Buses
- कोरबा – 20 Medium और 20 Mini Electric Buses
इस योजना का उद्देश्य शहरों में आधुनिक और स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करना है।
20 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
ई-बस सेवा शुरू होने के बाद दुर्ग जिले के लगभग 20 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। रोजाना रायपुर और भिलाई-दुर्ग के बीच आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और किफायती होगी।
साथ ही निजी वाहनों की संख्या घटने से ट्रैफिक दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी और वायु प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है।
प्रदर्शन के आधार पर मिलेगी केंद्र से सहायता
योजना के तहत बसों की खरीद और संचालन के लिए एजेंसी का चयन केंद्र सरकार करेगी। शहरों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बसों के तय किलोमीटर संचालन के आधार पर दी जाएगी।
यदि बसों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हुआ तो केंद्रीय सहायता भी उसी अनुपात में कम हो सकती है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों को अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी।
हर तीन महीने होगी Third Party Audit
योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए Third Party Audit अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक तीन महीने में बसों के संचालन, वित्तीय उपयोग और प्रदर्शन की समीक्षा होगी। नगर निकायों को नियमित रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजनी होगी।
हरित परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। Electric Buses के संचालन से डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी, कार्बन उत्सर्जन घटेगा और शहरों में टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




