CG News: नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील अबूझमाड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध पेड़ कटाई और अवैध सड़क निर्माण के मामलों पर साय सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। वन मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पूरे मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया जाएगा। समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन मंत्री ने बताया कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और किसी भी स्तर पर वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल जांच कराना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना भी है।
IIT खड़गपुर करेगा वैज्ञानिक सर्वे
वन मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विस्तृत चर्चा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को तत्काल उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही, IIT खड़गपुर के माध्यम से अबूझमाड़ क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वे कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस सर्वे के जरिए क्षेत्र का सटीक भू-डाटा तैयार किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि किस स्थान पर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है, कहां अवैध कटाई हुई है और किन इलाकों में अवैध सड़क निर्माण किया गया है। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक सर्वे भविष्य में वन संरक्षण की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
असर्वेक्षित क्षेत्र होने से आईं तकनीकी चुनौतियां
वन मंत्री ने बताया कि अबूझमाड़ लंबे समय तक असर्वेक्षित (Unsurveyed) क्षेत्र रहा है। यही वजह है कि कई मामलों में कार्रवाई के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियां सामने आईं। अब वैज्ञानिक सर्वे पूरा होने के बाद पूरे क्षेत्र का डिजिटल और प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे अवैध अतिक्रमण, पेड़ कटाई और सड़क निर्माण जैसे मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई संभव हो सके।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण नहीं देगी और वन संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसलिए वन विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त को और मजबूत किया जाए।
लोगों से भी सहयोग की अपील
वन मंत्री केदार कश्यप ने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी वन क्षेत्र में अवैध कटाई, अतिक्रमण या किसी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि दिखाई दे तो उसकी तत्काल सूचना प्रशासन और वन विभाग को दें। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता के सहयोग से ही जंगलों की प्रभावी सुरक्षा संभव है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v




