Raigarh News: रायगढ़ जिले में नकली शराब के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद से फरार चल रहे आरोपी विनय सिंह ठाकुर पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। वहीं, आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर उसकी चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी की जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
नकली शराब नेटवर्क का हुआ था खुलासा
गौरतलब है कि 8 जून की रात रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में कार्रवाई करते हुए नकली शराब के संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था।
छापेमारी के दौरान करीब 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट से भरे ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, ढक्कन और शराब निर्माण में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री बरामद की गई थी।
मामले में मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने विनय सिंह ठाकुर और सुभाष पटेल के साथ मिलकर लंबे समय से अवैध कारोबार संचालित करने की बात स्वीकार की थी।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह फार्म हाउस में शराब का भंडारण करता था और उसमें स्प्रिट मिलाकर मात्रा बढ़ाता था। शराब का रंग बदलने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा स्वरूप दिया जाता था।
इसके बाद नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर शराब को विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था। जांच के दौरान पुलिस ने गैस सिलेंडर, चूल्हा, एल्यूमिनियम बर्तन और बड़ी संख्या में खाली बोतलें भी जब्त की थीं।
घर पर चस्पा किया गया नोटिस
मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर घटना के बाद से लगातार फरार है। 17 जून को पुलिस टीम उसके विकास नगर स्थित घर पहुंची, लेकिन मकान बंद मिला।
पुलिस ने नियमानुसार उसके निवास पर नोटिस चस्पा कर तीन दिनों के भीतर थाना कोतरारोड़ में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
संपत्ति कुर्की की तैयारी शुरू
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस ने आरोपी की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थाना कोतरारोड़ पुलिस ने कार्यपालिक दंडाधिकारी और जिला पंजीयक कार्यालय को पत्र भेजकर संपत्ति संबंधी जानकारी मांगी है। आवश्यक जानकारी मिलने के बाद न्यायालय में संपत्ति कुर्क करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा।




