CG News: स्कूलों में धार्मिक गतिविधियों पर रोक का विरोध, आदिवासी समाज ने सौंपा ज्ञापन

CG News: छत्तीसगढ़ सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में धार्मिक गतिविधियों के आयोजन पर रोक लगाने संबंधी आदेश का आदिवासी समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। रायगढ़ में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री और संस्कृति मंत्री के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपकर आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह आदेश आदिवासी समुदाय की पारंपरिक संस्कृति, प्रकृति पूजा और सामाजिक परंपराओं को प्रभावित करता है।

संयुक्त ज्ञापन सौंपकर जताया विरोध

छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष सुनील मिंज के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 12 जून को जारी स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश पर आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई।

प्रतिनिधियों का कहना है कि आदिवासी समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं उनकी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें शिक्षा और सामाजिक जीवन से अलग नहीं किया जा सकता।

संविधानिक अधिकारों का दिया हवाला

ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 25, 28, 29 और 46 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक संरक्षण और समान अवसर का अधिकार प्राप्त है।

संगठनों का कहना है कि स्कूलों में प्रार्थना, पारंपरिक पर्व-त्योहार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। इन पर प्रतिबंध लगाने से विद्यार्थियों के सामाजिक और सांस्कृतिक विकास पर असर पड़ सकता है।

पांच प्रमुख मांगें रखीं

ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • धार्मिक गतिविधियों पर रोक संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।
  • सरकारी स्कूलों में सभी धर्मों और समुदायों की सांस्कृतिक गतिविधियों को समान अवसर दिया जाए।
  • नैतिक शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए।
  • आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखा जाए।
  • शिक्षा नीति से जुड़े निर्णयों में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

आंदोलन की चेतावनी

आदिवासी समाज और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं करती है, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था, सांस्कृतिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता पर नई चर्चा शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार के रुख पर सभी की नजर बनी रहेगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v