CG News: स्टांप वेंडरों की मनमानी से जनता परेशान, तय कीमत से अधिक दाम पर बिक रहे स्टांप पेपर

CG News: गरियाबंद जिले के देवभोग रजिस्ट्री कार्यालय में स्टांप वेंडरों की कथित मनमानी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां आम नागरिकों से निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलकर स्टांप पेपर बेचे जा रहे हैं। इससे रजिस्ट्री और अन्य दस्तावेजी कार्यों के लिए आने वाले लोगों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

50 का स्टांप 80 में, 100 का 150 रुपये में बेचने का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि 50 रुपये मूल्य का स्टांप पेपर 80 रुपये में और 100 रुपये का स्टांप 150 रुपये तक में बेचा जा रहा है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि जब वे निर्धारित मूल्य पर स्टांप मांगते हैं या अतिरिक्त राशि देने का विरोध करते हैं, तो उन्हें स्टांप उपलब्ध कराने से मना कर दिया जाता है।

ऐसी स्थिति में लोगों के पास मजबूरी में अधिक कीमत देकर स्टांप खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।

नियमों की अनदेखी का आरोप

नियमों के अनुसार प्रत्येक अधिकृत स्टांप वेंडर को अपने स्टॉक और निर्धारित दरों की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होती है। लेकिन आरोप है कि जिले की अधिकांश तहसीलों में यह व्यवस्था दिखाई नहीं देती।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विभागीय निगरानी के अभाव में स्टांप बिक्री व्यवस्था पूरी तरह वेंडरों के भरोसे चल रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

ई-स्टांप व्यवस्था के बावजूद शिकायतें

राज्य में ई-स्टांप व्यवस्था लागू होने के बावजूद कई क्षेत्रों में पारंपरिक स्टांप पेपर की मांग बनी हुई है। ऐसे में उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ वेंडर इस स्थिति का लाभ उठाकर अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं।

लोगों का कहना है कि कई बार स्टांप की कृत्रिम कमी दिखाकर भी अधिक कीमत वसूली जाती है।

पूरे जिले में निगरानी की मांग

ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने मांग की है कि जिले की सभी तहसीलों में स्टांप वेंडरों की नियमित जांच की जाए और निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करने वालों पर कार्रवाई हो।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंची हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से वेंडरों के हौसले बढ़े हुए हैं।

तहसीलदार ने दिया कार्रवाई का भरोसा

देवभोग तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस शिकायत की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की पुष्टि होती है, तो संबंधित स्टांप वेंडरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v