Ambikapur News: योग दिवस आयोजन के टेंडर से पहले खड़ा हुआ टेंट, डेढ़ करोड़ खर्च पर सवाल

Ambikapur News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के आयोजन से पहले सरगुजा प्रशासन विवादों में घिर गया है। अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में विशाल डोम और टेंट लगाए जाने को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने और औपचारिक वर्क ऑर्डर जारी होने से पहले ही आयोजन स्थल पर निर्माण और स्थापना कार्य शुरू कर दिया गया।

मामला सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर स्थानीय व्यापारिक संगठनों तक चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

योग दिवस से पहले तैयारियां बनीं विवाद का कारण

21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में प्रस्तावित है। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार आयोजन संबंधी आदेश 16 जून को जारी किए गए। इसके बाद 17 जून को बजट स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी हुई और देर रात विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई।

हालांकि, स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि मैदान में विशाल डोम और टेंट लगाने का काम इन औपचारिक प्रक्रियाओं से पहले ही शुरू हो चुका था। इसी तथ्य को लेकर पूरे मामले में सवाल खड़े हो रहे हैं।

करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

सूत्रों के अनुसार इस भव्य आयोजन और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगभग 1.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि यदि प्रशासनिक स्वीकृतियां बाद में जारी हुईं, तो कार्य प्रारंभ करने की अनुमति किस स्तर से दी गई।

विपक्ष और स्थानीय संगठनों का कहना है कि यदि कार्य पहले शुरू हुआ है, तो इसकी पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक की जानी चाहिए।

कई अधिकारियों को नहीं थी जानकारी

मामले को लेकर यह भी चर्चा है कि आयोजन से जुड़े कुछ विभागीय अधिकारियों को प्रारंभिक चरण में कार्यों की जानकारी नहीं थी। अनौपचारिक स्तर पर कुछ अधिकारियों ने स्वीकार किया कि व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी उन्हें बाद में मिली।

इससे निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता और समन्वय को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।

स्थानीय टेंट व्यवसायियों में नाराजगी

विवाद का एक बड़ा पहलू स्थानीय व्यवसायियों की नाराजगी भी है। अंबिकापुर और सरगुजा क्षेत्र के टेंट संचालकों का आरोप है कि बड़े सरकारी आयोजनों में स्थानीय उद्यमियों को अवसर नहीं दिया जा रहा है।

व्यवसायियों का कहना है कि इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री के कार्यक्रम और खेलो इंडिया प्रतियोगिता के दौरान भी बाहरी एजेंसियों को प्राथमिकता दी गई थी। उनका आरोप है कि इस बार भी स्थानीय कारोबारियों को प्रक्रिया की जानकारी तक नहीं दी गई।

पहले भी हो चुका है विवाद

पीजी कॉलेज मैदान में बड़े आयोजनों को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि पूर्व में इसी प्रकार के एक आयोजन में बाहरी एजेंसी के माध्यम से महंगी व्यवस्थाएं किए जाने पर प्रशासनिक आपत्तियां उठी थीं।

इसी वजह से वर्तमान मामले को लेकर भी कई पुराने सवाल फिर से चर्चा में आ गए हैं।

विपक्ष ने मांगी जवाबदेही

मामले को लेकर विपक्ष को सरकार और प्रशासन को घेरने का अवसर मिल गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले कार्य शुरू हुआ है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाया कि जहां अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया का इंतजार किया जाता है, वहीं योग दिवस जैसे आयोजन में इतनी बड़ी व्यवस्था पहले कैसे शुरू हो गई।

जांच और पारदर्शिता की मांग तेज

विपक्षी दल और स्थानीय व्यापारी संगठन अब पूरे मामले में निविदा प्रक्रिया, कार्य आवंटन, खर्च और अनुमति से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और गरमा सकता है, खासकर तब जब आयोजन पर करोड़ों रुपये खर्च होने का दावा किया जा रहा है।

क्या है पूरा विवाद एक नजर में?

  • आयोजन: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026
  • स्थान: पीजी कॉलेज मैदान, अंबिकापुर
  • अनुमानित खर्च: लगभग 1.5 करोड़ रुपये
  • आरोप: टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले डोम और टेंट लगाने का कार्य शुरू
  • मांग: निविदा प्रक्रिया और खर्च की जांच
  • विपक्ष का रुख: जवाबदेही तय करने की मांग छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v