Raigarh News: सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के मामलों पर लगाम लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस और परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर की एक निजी ट्रेवल्स एजेंसी 'बाबा ट्रेवल्स' पर संयुक्त टीम ने दबिश देकर दस्तावेजों की जांच शुरू की है। आरोप है कि एजेंसी बाहरी राज्यों के लोगों को रायगढ़ का निवासी दर्शाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में मदद कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पुलिस को शिकायत मिली थी कि कुछ नवसीखिया चालक भारी वाहनों के लिए जारी लाइसेंस का उपयोग कर रहे हैं। साथ ही यह भी आरोप सामने आया कि स्थानीय स्तर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जा रहे हैं।
पुलिस-RTO की संयुक्त टीम ने की जांच
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और यातायात डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस, आरटीओ और यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने बाबा ट्रेवल्स कार्यालय में जांच की। प्रारंभिक जांच में कई आवेदकों के पते एक जैसे पाए गए, जिससे संदेह और गहरा गया।
किरायानामा और शपथ-पत्र के जरिए बनाई गई पहचान?
जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि ओडिशा सहित अन्य राज्यों के आवेदकों के लिए स्थानीय स्तर पर किरायानामा और शपथ-पत्र तैयार कर उन्हें रायगढ़ का निवासी दर्शाया गया। इन दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन किए गए थे।
ड्राइविंग टेस्ट में भी गड़बड़ी की आशंका
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि कुछ मामलों में ड्राइविंग टेस्ट के दौरान वास्तविक आवेदक की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी हो सकती है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह लाइसेंस प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता मानी जाएगी।
180 लाइसेंसधारियों के दस्तावेज जांच के घेरे में
फिलहाल पुलिस और परिवहन विभाग करीब 180 लाइसेंसधारियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। निवास प्रमाण, आवेदन रिकॉर्ड और लाइसेंस जारी करने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि फर्जीवाड़ा या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला
अधिकारियों के मुताबिक, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस हासिल कर भारी वाहन चलाने वाले चालक सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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