CG News: न्यायधानी बिलासपुर के कुदुदंड स्थित चांदनी चौक में बिजली कंपनी की कथित लापरवाही से सैकड़ों परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां लगा 200 किलोवाट क्षमता का पुराना ट्रांसफार्मर लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर नाली के किनारे स्थित है और उसके नीचे बिजली तारों का ऐसा जाल फैला हुआ है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद शिकायतों के महीनों बाद भी जिम्मेदार विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
एक साल से बनी हुई है समस्या
चांदनी चौक के रहवासियों के अनुसार ट्रांसफार्मर और उससे जुड़े बिजली तारों की अव्यवस्थित स्थिति पिछले एक वर्ष से बनी हुई है। कई जगह बिजली के तार नाली के ऊपर और आसपास फैले हुए हैं। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी भरने से करंट फैलने जैसी आशंकाएं बढ़ जाती हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर प्रतिदिन इसी रास्ते से गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
फरवरी में की थी शिकायत, अब तक नहीं मिला समाधान
मोहल्लेवासियों ने बताया कि 10 फरवरी को बिजली कंपनी के नेहरू नगर स्थित कार्यालय में लिखित शिकायत देकर ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने और बिजली तारों को व्यवस्थित करने की मांग की गई थी।
शिकायत स्वीकार किए जाने के बावजूद पिछले पांच महीनों में न तो कोई निरीक्षण किया गया और न ही सुधारात्मक कार्रवाई शुरू हुई। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
अंधड़ और बारिश में बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रांसफार्मर जिस पोल पर स्थापित है, उसका आधार हिस्सा नाली के बेहद करीब है। तेज आंधी, बारिश या अंधड़ की स्थिति में पोल के कमजोर होने और ट्रांसफार्मर गिरने का खतरा बना रहता है।
रहवासियों के अनुसार यदि ट्रांसफार्मर या पोल क्षतिग्रस्त होता है तो आसपास के घरों और राहगीरों की जान जोखिम में पड़ सकती है। यही वजह है कि लोग लंबे समय से इसे दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।
315 केवीए ट्रांसफार्मर की बताई जा रही जरूरत
स्थानीय नागरिकों का दावा है कि क्षेत्र की वर्तमान बिजली खपत को देखते हुए 200 किलोवाट का पुराना ट्रांसफार्मर पर्याप्त नहीं है। बढ़ती आबादी और बिजली की मांग को देखते हुए यहां अधिक क्षमता वाले 315 केवीए ट्रांसफार्मर की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
लोगों का कहना है कि पुराने ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ने से तकनीकी दिक्कतें और बिजली बाधित होने की समस्या लगातार बढ़ रही है।
रोजाना घंटों बिजली कटौती से लोग परेशान
रहवासियों ने केवल ट्रांसफार्मर ही नहीं, बल्कि लगातार हो रही बिजली कटौती की समस्या भी उठाई है। उनका आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में प्रतिदिन चार से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
विभाग की ओर से इसे मेंटेनेंस कार्य बताया जाता है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि वास्तविक समस्या पुराने उपकरण और खराब बुनियादी ढांचा है। भीषण गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर से लगाई गुहार
समस्या का समाधान नहीं होने पर मोहल्लेवासियों ने केंद्रीय राज्य मंत्री, स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। नागरिकों ने ज्ञापन सौंपकर ट्रांसफार्मर को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने, तारों को व्यवस्थित करने और क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और बिजली विभाग को गंभीरता से हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
लोगों की मांग क्या है?
जर्जर ट्रांसफार्मर को तत्काल हटाया जाए
सुरक्षित स्थान पर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए
बिजली तारों के मकड़जाल को व्यवस्थित किया जाए
क्षेत्र में पर्याप्त क्षमता वाला ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए
बिजली कटौती और मेंटेनेंस व्यवस्था की समीक्षा की जाए
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह केवल बिजली आपूर्ति का मामला नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
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