Bilaspur News: न्यायधानी बिलासपुर में अवैध प्लाटिंग, अनधिकृत टाउनशिप और सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के सख्त निर्देश पर सोमवार सुबह नगर निगम, राजस्व विभाग और भवन शाखा की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में अभियान चलाकर अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
3.5 एकड़ में विकसित हो रही चमन गोल्ड कॉलोनी पर बड़ी कार्रवाई
प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई सैदा रोड क्षेत्र में देखने को मिली, जहां कथित रूप से बिना वैध अनुमति के विकसित की जा रही चमन गोल्ड कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार कॉलोनी का निर्माण लगभग 3.5 एकड़ भूमि पर किया जा रहा था और इसके लिए आवश्यक स्वीकृतियां नहीं ली गई थीं।
नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कॉलोनी के भीतर बनाए गए रास्तों, बाउंड्रीवाल और ले-आउट संरचनाओं को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। अधिकारियों का कहना है कि कॉलोनी में प्लॉट बेचने की प्रक्रिया भी चल रही थी, जिससे भविष्य में खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता था।
पहले भी मिल चुकी थीं शिकायतें
सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना को लेकर पहले भी कई शिकायतें प्रशासन तक पहुंच चुकी थीं। शिकायतों में बिना अनुमति प्लाटिंग, नियमों के उल्लंघन और खरीदारों को गुमराह करने जैसे आरोप शामिल थे। नगर निगम ने इस बार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीधे कार्रवाई की।
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि केवल अवैध निर्माण हटाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा सकती है।
सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश नाकाम
कार्रवाई का दूसरा बड़ा केंद्र सकरी क्षेत्र रहा, जहां शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। जांच के दौरान पाया गया कि सरकारी जमीन पर निर्माण की तैयारी करते हुए पक्की नींव तक तैयार कर ली गई थी।
नगर निगम और राजस्व विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन संरचना को हटाया और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
साईं आनंद क्षेत्र में भी अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई
नगर निगम का अभियान केवल एक-दो स्थानों तक सीमित नहीं रहा। साईं आनंद के आसपास संचालित हो रही कथित अवैध प्लाटिंग गतिविधियों पर भी टीम ने कार्रवाई की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
प्रशासन का मानना है कि अवैध प्लाटिंग शहर के नियोजित विकास को प्रभावित करती है और भविष्य में मूलभूत सुविधाओं की समस्या भी पैदा करती है।
खरीदारों के लिए प्रशासन की बड़ी चेतावनी
नगर निगम प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी प्लॉट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसके सभी दस्तावेजों की जांच अवश्य करें।
प्रशासन ने विशेष रूप से निम्न बिंदुओं की जांच करने की सलाह दी है:
रेरा (RERA) पंजीकरण
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति
नगर निगम से स्वीकृत ले-आउट
भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर खरीदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में निर्माण हटाया जा सकता है और भविष्य में कानूनी विवाद भी उत्पन्न हो सकते हैं।
अवैध प्लाटिंग के खिलाफ जारी रहेगी मुहिम
नगर निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि शहर के नियोजित विकास को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण हटाना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकना भी है।
बिलासपुर में हाल के महीनों में अवैध प्लाटिंग और भूमि अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई शहर में भूमि कारोबार और कॉलोनाइजर गतिविधियों पर कड़ी निगरानी का संकेत मानी जा रही है।
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