UPSC Prelims 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा-2026 रविवार को छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। राजधानी रायपुर और बिलासपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में हजारों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस बीच छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री OP Choudhary ने परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणादायक संदेश जारी कर उनका हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि UPSC केवल एक प्रतियोगी परीक्षा नहीं, बल्कि यह व्यक्ति के धैर्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प की असली परीक्षा होती है। मंत्री के इस संदेश को सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और कई अभ्यर्थियों ने इसे प्रेरणादायक बताया है।
“आत्मविश्वास के साथ परीक्षा कक्ष में जाएं” – ओपी चौधरी
अभ्यर्थियों के नाम जारी संदेश में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि UPSC जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा तक पहुंचना ही अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए विद्यार्थियों ने लंबे समय तक कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ तैयारी की है।
उन्होंने कहा कि अब समय घबराने का नहीं, बल्कि पूरे आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने का है। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे तनाव से दूर रहें और अपनी तैयारी पर भरोसा रखें।
मंत्री ने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियां इंसान को अधिक मजबूत, परिपक्व और अनुभवी बनाती हैं। ऐसे में हर अभ्यर्थी को धैर्य और एकाग्रता बनाए रखते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए।
हजारों अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
UPSC प्रीलिम्स परीक्षा को लेकर रायपुर जिले में विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की ओर से कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए, जहां 8,449 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा, पहचान सत्यापन और निगरानी की व्यापक व्यवस्था की गई थी।
प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तकनीकी परेशानी न हो। परीक्षा केंद्रों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्लान लागू किया गया।
इन प्रमुख केंद्रों में हुई परीक्षा
रायपुर शहर के कई बड़े शिक्षण संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इनमें प्रमुख रूप से मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, एमएलबी गर्ल्स कॉलेज, सरोजिनी नायडू गर्ल्स कॉलेज, कोपल कॉलेज, मित्तल इंस्टीट्यूट और केएनपी कॉलेज शामिल रहे।
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। कई परीक्षार्थी अपने अभिभावकों के साथ केंद्र पहुंचे। परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के बाहर अंतिम समय तक रिवीजन और चर्चा का माहौल भी नजर आया।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर रहा खास फोकस
UPSC जैसी संवेदनशील परीक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। सभी केंद्रों में प्रवेश से पहले कड़ी जांच की गई। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और प्रतिबंधित सामग्री को लेकर विशेष निगरानी रखी गई।
परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे, फ्लाइंग स्क्वॉड और पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई थी ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने ओपी चौधरी
गौरतलब है कि ओपी चौधरी स्वयं भी प्रशासनिक सेवा की पृष्ठभूमि से आते हैं। वे पहले आईएएस अधिकारी रह चुके हैं और बाद में राजनीति में आए। ऐसे में UPSC अभ्यर्थियों के बीच उनकी बातों का विशेष प्रभाव माना जाता है।
कई विद्यार्थियों ने कहा कि एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और वर्तमान मंत्री के रूप में ओपी चौधरी का संदेश उन्हें मानसिक रूप से मजबूत करने वाला है। सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थियों ने उनके संदेश को शेयर करते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
सफलता के लिए संयम और निरंतरता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि UPSC जैसी परीक्षा केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, समय प्रबंधन और लगातार मेहनत की भी परीक्षा होती है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो लंबे समय तक निरंतरता बनाए रखते हैं।
इसी संदेश को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री ने सभी अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास जताया कि उनका कठिन परिश्रम निश्चित रूप से सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v





