Bilaspur Dog Attack: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां आवारा कुत्तों के हमले में दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। बिल्हा क्षेत्र के ग्राम बरतोरी में हुए इस हमले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। कुत्तों ने बच्चों के चेहरे और आंखों के आसपास इस तरह हमला किया कि डॉक्टरों को उनकी आंखों की रोशनी बचाने के लिए इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ी।
दोनों बच्चों को गंभीर हालत में तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने कई घंटों तक इलाज और सर्जरी की। घटना के बाद गांव के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों को लेकर प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।
खेलते समय बच्चों पर टूट पड़े आवारा कुत्ते
जानकारी के अनुसार घटना बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र स्थित ग्राम बरतोरी की है। बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे गांव में खेल रहे थे, तभी अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुत्तों ने बच्चों को जमीन पर गिराकर चेहरे और आंखों के पास बुरी तरह काटना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चों को कुत्तों से बचाया, लेकिन तब तक दोनों गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
हमले में एक बच्चे की आंख के नीचे गहरा जख्म हो गया, जबकि दूसरे बच्चे के चेहरे और मुंह का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल में भर्ती
घटना के तुरंत बाद परिजन बच्चों को लेकर सिम्स अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद मामले को बेहद गंभीर बताया।
सिम्स के चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के चेहरे, आंखों और पलकों के आसपास गहरे घाव थे। इसी वजह से इसे कैटेगरी-3 डॉग बाइट केस माना गया, जिसमें रेबीज संक्रमण का खतरा अत्यधिक रहता है।
डॉक्टरों ने बिना देरी किए बच्चों के घावों की गहन सफाई की और तुरंत एंटी-रेबीज वैक्सीन शुरू की। साथ ही संक्रमण रोकने के लिए रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन भी लगाया गया।
आंख बचाने करनी पड़ी Emergency Surgery
डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों की आंखों की पलकों और आसपास के ऊतकों को गंभीर नुकसान पहुंचा था। यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो दृष्टि पर स्थायी असर पड़ सकता था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेत्र रोग ऑपरेशन थिएटर में तत्काल अर्जेंट लिड रिपेयर सर्जरी की गई। सर्जरी के दौरान क्षतिग्रस्त ऊतकों की बेहद सावधानी से मरम्मत की गई ताकि आंखों की संरचना और दृष्टि सुरक्षित रखी जा सके।
डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल दोनों बच्चों की स्थिति स्थिर है, लेकिन उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने संभाला इलाज
इस जटिल सर्जरी और उपचार में अस्पताल की विशेषज्ञ टीम लगातार जुटी रही। उपचार में शामिल टीम में:
- डॉ. प्रभा सोनवानी,
- डॉ. संजय चौधरी,
- डॉ. आरती,
- डॉ. अनिकेत,
- डॉ. यशा तिवारी,
- और डॉ. द्रोपती शामिल रहे।
वहीं नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सुचिता सिंह ने बताया कि बच्चों की पलकों और आंखों पर गंभीर चोटें थीं। ऐसे मामलों में तुरंत सर्जरी करना बेहद आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने पूरी सावधानी के साथ उपचार कर बच्चों की दृष्टि बचाने की कोशिश की है।
सिम्स प्रबंधन ने दी चेतावनी
सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि डॉग बाइट के मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
वहीं मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. लखन सिंह ने लोगों से झाड़-फूंक और घरेलू उपचार से बचने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि रेबीज एक अत्यंत खतरनाक बीमारी है, लेकिन समय पर वैक्सीन और वैज्ञानिक उपचार से इसे रोका जा सकता है।
बिलासपुर में बढ़ रहा Dog Bite का खतरा
बिलासपुर शहर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई क्षेत्रों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते दिखाई देते हैं।
जानकारी के मुताबिक शहर में वर्तमान समय में 8 हजार से अधिक आवारा कुत्ते सक्रिय हैं। कोर्ट के निर्देशों के बावजूद डॉग कंट्रोल और नसबंदी अभियान प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम और प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
गांव में दहशत, बच्चों को घरों से बाहर भेजने में डर
घटना के बाद बरतोरी गांव में भय का माहौल बना हुआ है। अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में आवारा कुत्तों को पकड़ने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी “Bilaspur Dog Attack”, “Dog Bite Horror”, “Stray Dogs Terror” और “Emergency Eye Surgery” जैसे कीवर्ड तेजी से वायरल हो रहे हैं।
कई लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं, जबकि कुछ यूजर्स ने आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर सख्त नीति बनाने की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते स्ट्रे डॉग खतरे की गंभीरता को सामने लेकर आई है। छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें- https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v





