Wednesday, March 25, 2026
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National News: AI Revolution में भारत की बड़ी छलांग! PM मोदी बोले– ‘दुनिया को नई दिशा देगा इंडिया’, Global South में पहली बार AI Summit की मेजबानी

नई दिल्ली | टेक्नोलॉजी-ग्लोबल डिप्लोमेसी डेस्क

National News: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की वैश्विक दौड़ में भारत ने एक निर्णायक कदम उठाया है। India AI Summit 2026 के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि भारत AI परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और यह बदलाव केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक रूपांतरण का माध्यम बनेगा।

दिल्ली के प्रतिष्ठित Bharat Mandapam में 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के टेक लीडर्स, नीति-निर्माता और शोधकर्ता जुटे हैं। यह शिखर सम्मेलन खास इसलिए भी है क्योंकि पहली बार AI के प्रभाव और चुनौतियों पर केंद्रित यह वैश्विक आयोजन किसी ‘Global South’ देश में हो रहा है।


भारत क्यों बना AI परिवर्तन का केंद्र?

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत की AI रणनीति “Innovation with Inclusion” पर आधारित है। उन्होंने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा प्रतिभा भारत को AI क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिला सकती है।

उन्होंने जोर देकर कहा:

“AI केवल टेक्नोलॉजी नहीं, यह मानवता के लिए जिम्मेदारी है। भारत ambition और responsibility दोनों के साथ आगे बढ़ रहा है।”

भारत की UPI जैसी डिजिटल क्रांति, आधार-आधारित पहचान व्यवस्था और बड़े पैमाने पर डेटा गवर्नेंस मॉडल को AI विकास का आधार बताया गया।


Global Tech Leaders की मौजूदगी से बढ़ा महत्व

सम्मेलन में गूगल के सीईओ Sundar Pichai, OpenAI के प्रमुख Sam Altman सहित करीब 20 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंच केवल टेक्नोलॉजी चर्चा का नहीं, बल्कि वैश्विक AI नीति निर्माण का केंद्र बन सकता है। यहां डेटा सुरक्षा, एथिकल AI, रोजगार सृजन और डिजिटल समावेशन जैसे मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हो रहा है।


U.K. का बयान: ‘AI के लाभ अनलॉक करने का अहम मौका’

ब्रिटेन के उप-प्रधानमंत्री David Lammy ने दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन को “AI के पूर्ण लाभ और संभावनाओं को अनलॉक करने का महत्वपूर्ण क्षण” बताया।

U.K. प्रतिनिधिमंडल में AI मंत्री Kanishka Narayan भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य AI को आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के माध्यम के रूप में बढ़ावा देना है।

ब्रिटिश सरकार ने स्पष्ट किया कि AI विकास के साथ मजबूत और निष्पक्ष सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करना आवश्यक है।


ट्रैफिक एडवाइजरी और सुरक्षा व्यवस्था सख्त

सम्मेलन और साथ ही CBSE बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है।

भैरों मार्ग (Ring Road T-Point और मथुरा रोड को छोड़कर), सुब्रमण्यम भारती मार्ग, राजेश पायलट मार्ग, तीन जनवरी मार्ग, अकबर रोड और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक मूवमेंट आंशिक रूप से प्रतिबंधित रहेगा।

पुलिस ने आम नागरिकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने और समय से पहले यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।


AI Summit का वैश्विक संदर्भ

यह चौथा AI शिखर सम्मेलन है। इससे पहले यह आयोजन यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में हो चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में इस सम्मेलन का आयोजन कई मायनों में ऐतिहासिक है—

  • पहली बार Global South देश में आयोजन

  • विकासशील देशों की जरूरतों पर केंद्रित चर्चा

  • AI के सामाजिक प्रभाव और नियमन पर संतुलित दृष्टिकोण

भारत ने संकेत दिया है कि वह AI को केवल व्यापारिक लाभ तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासनिक सेवाओं में व्यापक उपयोग सुनिश्चित करना चाहता है।


रोजगार और स्टार्टअप पर क्या होगा असर?

AI के बढ़ते प्रभाव से रोजगार के स्वरूप में बदलाव तय माना जा रहा है। जहां एक ओर ऑटोमेशन पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर सकता है, वहीं दूसरी ओर डेटा साइंस, मशीन लर्निंग और AI-एप्लीकेशन डेवलपमेंट में नए अवसर पैदा होंगे।

भारत सरकार का दावा है कि AI आधारित स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, फंडिंग और वैश्विक साझेदारी के अवसर दिए जाएंगे। इससे देश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का मौका मिलेगा।


सुरक्षा और एथिक्स पर फोकस

AI तकनीक के दुरुपयोग को रोकना भी सम्मेलन का प्रमुख एजेंडा है। डीपफेक, डेटा चोरी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सख्त अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि AI के विकास में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।


भारत के लिए आगे का रास्ता

भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—

  • प्रतिभा को बनाए रखना

  • डेटा गोपनीयता सुनिश्चित करना

  • वैश्विक मानकों के अनुरूप AI नीति बनाना

प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में भारत AI अनुसंधान, सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की योजना बना रहा है।


निष्कर्ष: क्या बदल देगा यह Summit?

India AI Summit 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक तकनीकी पहचान को मजबूत करने का अवसर है।

यदि यहां बनी सहमति और नीतियां जमीनी स्तर पर लागू होती हैं, तो यह न केवल भारत बल्कि पूरे Global South के लिए तकनीकी सशक्तिकरण का नया अध्याय साबित हो सकता है।

दुनिया अब देख रही है—क्या भारत AI युग का नैतिक और नवाचार-आधारित नेतृत्व कर पाएगा?

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Sarthak Bohidar
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