इस्लामाबाद | अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा | 7 फरवरी 2026
Islamabad Blast: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक बार फिर आतंक ने इंसानियत को झकझोर दिया। अल्पसंख्यक शिया समुदाय के एक धार्मिक केंद्र में जुमे की नमाज के दौरान हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि 169 लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाके के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल क्षेत्र को घेराबंदी में ले लिया।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब पाकिस्तान पहले से ही आंतरिक सुरक्षा संकट, आतंकी घटनाओं और सांप्रदायिक तनाव से जूझ रहा है।
जुमे की नमाज के दौरान हुआ धमाका
पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजातुल कुबरा मस्जिद-कम-इमामबाड़ा के बाहर हुआ। यह धार्मिक केंद्र शिया समुदाय से जुड़ा हुआ है और शुक्रवार की नमाज के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हमलावर मस्जिद के मुख्य द्वार तक पहुंचा और वहीं खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। समाचार एजेंसी AFP ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि यह हमला आत्मघाती प्रतीत होता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद ही की जाएगी।
धमाके की तीव्रता से दहला इलाका
STORY | Several injured in explosion at religious centre in Pakistan’s capital
Several people were injured on Friday in an explosion at a religious centre in Pakistan’s capital Islamabad, local media reports said.
The explosion occurred at Tarlai Imambargah in the Shehzad Town… pic.twitter.com/Rs9ALc3h0H
— Press Trust of India (@PTI_News) February 6, 2026
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई। विस्फोट के बाद मस्जिद परिसर और आसपास के क्षेत्र में धुएं और मलबे का दृश्य दिखाई दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाके के बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि —
“नमाज के दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो गया।”
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, अस्पतालों में आपातकाल
धमाके की सूचना मिलते ही —
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पुलिस
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रेस्क्यू 1122
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एंबुलेंस सेवाएं
तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। घायलों को इलाज के लिए पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ब्लास्ट की प्रकृति पर जांच जारी
इस्लामाबाद पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने बताया कि —
“फिलहाल विस्फोट की प्रकृति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। जांच की जा रही है कि यह आत्मघाती हमला था या पहले से लगाया गया बम।”
फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने की कड़ी निंदा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि —
“इस जघन्य कृत्य के पीछे जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें ढूंढकर कानून के कटघरे में लाया जाएगा।”
वहीं, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने भी हमले की निंदा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि —
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घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जाए
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सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जाए
तीन महीने पहले भी हुआ था बड़ा हमला
गौरतलब है कि यह घटना नवंबर 2025 में इस्लामाबाद के एक जिला न्यायालय के बाहर हुए आत्मघाती धमाके के करीब तीन महीने बाद सामने आई है। उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिया समुदाय को बार-बार निशाना बनाए जाने की आशंका
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान में शिया समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं नई नहीं हैं। धार्मिक स्थलों पर हमले न केवल सांप्रदायिक सौहार्द को चोट पहुंचाते हैं, बल्कि देश की छवि को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान पहुंचाते हैं।
फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकवादी और सांप्रदायिक हमला मानकर जांच कर रही हैं।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस्लामाबाद जैसे हाई-सिक्योरिटी शहर में जुमे की नमाज के दौरान हुए इस हमले ने —
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धार्मिक स्थलों की सुरक्षा

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इंटेलिजेंस फेल्योर
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राजधानी की कानून-व्यवस्था
पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
निष्कर्ष
इस्लामाबाद में हुआ यह विस्फोट न सिर्फ एक आतंकी हमला है, बल्कि यह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और आंतरिक स्थिरता पर भी गहरा सवाल खड़ा करता है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे और सरकार की कार्रवाई यह तय करेगी कि ऐसे हमलों पर लगाम कैसे लगाई जा सकेगी।
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