रायपुर | प्रशासनिक आदेश | 7 फरवरी 2026
CG News: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एक नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब राज्य के सभी विभागों के अधिकारियों को मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से अपने मुख्यालय अथवा कार्यालय में उपस्थित रहना होगा।
यह आदेश ऐसे समय जारी किया गया है जब शासन के संज्ञान में लगातार यह बात आ रही थी कि कई अधिकारी ‘फील्ड विजिट’ या दौरों का हवाला देकर कार्यालय से नदारद रहते हैं, जिससे आम जनता के कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं और फाइलों का अनावश्यक रूप से लंबित रहना एक आम समस्या बन गई थी।
GAD सचिव अविनाश चंपावत ने जारी किया आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा जारी इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि अब दौरों के नाम पर कार्यालय से अनुपस्थित रहना स्वीकार्य नहीं होगा। शासन का मानना है कि अधिकारियों की नियमित कार्यालय उपस्थिति से जन-सुनवाई, फाइल निपटान और विभागीय समन्वय बेहतर होगा।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासन का उद्देश्य किसी अधिकारी के काम में बाधा डालना नहीं, बल्कि कार्य-प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना है ताकि जनता को समयबद्ध सेवाएं मिल सकें।
नया शेड्यूल: कब और कहाँ रहेंगे अधिकारी
नए आदेश के तहत अधिकारियों के लिए साप्ताहिक कार्य-प्राथमिकता इस प्रकार तय की गई है —
मंगलवार और बुधवार
इन दोनों दिनों में सभी अधिकारियों की मुख्यालय/कार्यालय में अनिवार्य उपस्थिति तय की गई है।
इस दौरान —
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लंबित फाइलों का निपटारा
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विभागीय समीक्षा बैठकें
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जन-सुनवाई और आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान
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आंतरिक प्रशासनिक कार्य
को प्राथमिकता दी जाएगी।
गुरुवार और शुक्रवार
इन दिनों अधिकारियों को —
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फील्ड विजिट
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क्षेत्रीय निरीक्षण
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विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग
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विभागीय दौरों
के लिए समय निर्धारित करने की छूट दी गई है।
किन परिस्थितियों में मिलेगी छूट
हालांकि शासन ने कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का भी प्रावधान रखा है। आदेश के अनुसार, यदि —
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कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति हो
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कोई अत्यंत आवश्यक प्रशासनिक कार्य सामने आए
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मंत्रालय या वरिष्ठ कार्यालय से अचानक बैठक का बुलावा आए
तो संबंधित अधिकारी को मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन इसकी उचित सूचना और कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
आदेश की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई
GAD ने आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी है कि —
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मंगलवार-बुधवार को बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहना
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झूठे या गैर-जरूरी दौरों का हवाला देना
को अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ —
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विभागीय जांच
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प्रतिकूल प्रविष्टि
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अन्य दंडात्मक कार्रवाई
की जा सकती है।
सुशासन और जनहित पर फोकस
राज्य सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य सुशासन (Good Governance) को मजबूत करना है। लगातार यह शिकायत मिल रही थी कि आम नागरिक जब कार्यालयों में पहुंचते हैं तो संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं रहते, जिससे उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं।
इस आदेश के लागू होने से —
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नागरिकों को तय दिनों में अधिकारी आसानी से उपलब्ध होंगे
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शिकायतों और आवेदनों का समय पर निराकरण होगा
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प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी
ऐसा शासन का मानना है।
अफसरशाही में हलचल, जनता को उम्मीद
इस आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल देखी जा रही है। कई अधिकारियों का मानना है कि इससे कार्य-अनुशासन तो बढ़ेगा, लेकिन दौरों के बेहतर प्लानिंग की भी जरूरत होगी। वहीं आम जनता और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे सरकारी दफ्तरों की कार्यसंस्कृति में सुधार आएगा।
पहले भी उठते रहे हैं सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी कई जिलों में —
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जन-सुनवाई के दौरान अफसरों की गैर-हाजिरी
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फाइलों के महीनों तक लंबित रहने
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‘दौरे’ को बहाना बनाकर कार्यालय से दूरी
जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं। नया आदेश इन्हीं समस्याओं पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार का यह फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि आदेश का सही तरीके से पालन हुआ, तो निश्चित रूप से आम जनता को राहत मिलेगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी।
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