CG Breaking News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। तेलीबांधा थाना क्षेत्र के VIP रोड इलाके में बुधवार रात एक 8 वर्षीय बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। घटना ने न केवल राजधानी की कानून-व्यवस्था बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
भीख मांग रही बच्चियों को बनाया निशाना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 9:30 बजे तेलीबांधा ट्रैफिक सिग्नल के पास दो सगी बहनें भीख मांग रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति कार से वहां पहुंचा और खाना खिलाने का झांसा देकर दोनों बच्चियों को अपने वाहन में बैठा लिया।
कुछ दूरी पर जाकर आरोपी ने बड़ी बहन (लगभग 9 वर्ष) को खाने का सामान लाने के बहाने पैसे देकर कार से उतार दिया और छोटी बच्ची को लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद बड़ी बहन ने आसपास लोगों और परिजनों को सूचना दी।
सुनसान इलाके में ले जाकर किया अपराध
पुलिस के अनुसार आरोपी बच्ची को VIP रोड के सुनसान क्षेत्र में ले गया, जहां उसके साथ गंभीर अपराध किया गया। इसके बाद आरोपी बच्ची को वहीं छोड़कर फरार हो गया। बच्ची के मिलने के बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने रात में ही कार्रवाई शुरू कर दी।
बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है और उसे आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए जांच को प्राथमिकता पर रखा है।
CCTV से मिली सफलता, आरोपी दबोचा गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शहरभर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की कार, उसके आने-जाने का रूट और पहचान स्पष्ट हुई। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने चंद घंटों में आरोपी को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजस्थान का निवासी बताया जा रहा है और वर्तमान में रायपुर के सड्डू क्षेत्र में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।
POCSO समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और POCSO एक्ट की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या वह पहले किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहा है या किसी संगठित गिरोह से उसका कोई संबंध है।
पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना राजधानी रायपुर के VIP रोड जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में हुई, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों, भिखारी बच्चों और बेसहारा परिवारों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता फिर से सामने आई है।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि
-
ट्रैफिक सिग्नलों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए,
-
बेसहारा बच्चों के लिए सुरक्षित पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,
-
और ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाए।
पुलिस की अपील— सतर्क रहें, तुरंत दें सूचना
रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों के साथ संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि समाज की सजगता ही ऐसे अपराधों को रोकने में सबसे बड़ा हथियार है।
मानवीय संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी की जरूरत
यह मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि गरीबी, भिक्षावृत्ति और असुरक्षा किस तरह मासूम बच्चों को अपराधियों का आसान निशाना बना देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, बाल संरक्षण तंत्र और सरकारी-गैरसरकारी समन्वय से ही ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
छत्तीसगढ़ की हर अपडेट के लिए हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें – https://whatsapp.com/channel/0029VbBj50DATRSgaSxCmo2v
साथ ही हमारे Facebook पेज से जुड़े – https://www.facebook.com/profile.php?id=61579881036814




Recent Comments