Chhattisgarh Weather: छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से उत्तर छत्तीसगढ़ में बूंदाबांदी और मेघगर्जन की संभावना के साथ तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग के ताज़ा संकेत बताते हैं कि राजनांदगांव और अंबिकापुर सहित कई जिलों में अगले 48 घंटे के भीतर न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है। इससे प्रदेश में लौटती ठंड का एहसास बढ़ेगा।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल मौसम शुष्क है, लेकिन आसमान में हल्की परतदार बादल और सुबह की धुंध का दायरा बढ़ा है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में सामान्यतः अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी होती है, पर इस बार नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण पैटर्न उलट रहा है।
28 जनवरी के बाद बदलेगा मौसम, बारिश का हल्का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार छत्तीसगढ़ में 28 जनवरी को हल्की बारिश और मेघगर्जन की स्थिति बन सकती है। यह असर उत्तर अंचल तक सीमित रहेगा और व्यापक वर्षा की संभावना कम है, लेकिन हल्की बूंदाबांदी भी तापमान पर असर छोड़ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस हल्की बारिश के बाद रात का तापमान नीचे आएगा और प्रदेश में दोबारा ठंड की वापसी होगी।
इस समय पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय है। हवाओं का रूख पछुआ दिशा में होने से नमी का स्तर कम बना हुआ है। यही कारण है कि फिलहाल बारिश की तीव्रता बेहद सीमित रह सकती है।
असमान गिरावट: उत्तर ठंडा होगा, मध्य व दक्षिण में स्थिरता
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 1–3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है। मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के तापमान में बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिखेगा।
अंबिकापुर में पिछले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 10.1°C दर्ज किया गया, जो इस सीजन का निचला स्तर नहीं तो भी सामान्य से कम था। वहीं राजनांदगांव में अधिकतम 31.5°C और न्यूनतम 14°C दर्ज हुआ, जिससे दिन और रात के तापमान में बड़ा फर्क देखने को मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार यह तापमान अंतर (diurnal variation) उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण बढ़ता है और ठंड की अनुभूति को तेज करता है।
सिनोप्टिक सेटअप: जेट स्ट्रीम से पश्चिमी विक्षोभ को बल
उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम उत्तर भारत के ऊपर 125 knots तक की गति से सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर प्रभावी है। यह सिस्टम हिमालयी क्षेत्र से उतरकर मध्य क्षेत्र तक असर डालता है।
इसके अतिरिक्त 30 जनवरी की रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका अप्रत्यक्ष असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी पड़ेगा। जनवरी के अंतिम सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना सामान्य माना जाता है और अक्सर फरवरी के पहले पखवाड़े तक जारी रहता है।
प्रदेश में शुष्क मौसम का अंतरिम दौर
बीते 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में कहीं भी वर्षा की सूचना नहीं मिली। हवाओं में हल्की नमी और सुबह धुंध की स्थिति बनी रही। राजधानी रायपुर में दिन के समय हल्की गर्माहट बनी रही। रात्रि के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटे तक मौसम अधिकांशतः शुष्क रहेगा। सोमवार तक किसी बड़ी चेतावनी की संभावना नहीं है। दो दिन बाद हल्की बारिश, गर्जन और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
रायपुर का लोकल पूर्वानुमान: धुंध + हल्की ठंड
राजधानी रायपुर में 27 जनवरी को सुबह धुंध की परत छाए रहने का पूर्वानुमान है। अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम तापमान 15°C रहने की संभावना है। शहरी इलाकों में हल्की नमी के साथ रात की ठंड बरकरार रहेगी।
किसानों के लिए मौसम का असर
हल्की वर्षा की संभावना रबी फसलों पर बड़ा असर नहीं डालती। हल्की बूंदाबांदी से सरसों, चना और गेहूं में नमी का लाभ मिल सकता है, पर अगर गर्जन के साथ वर्षा बढ़ी तो कोमल तने वाली फसलों पर असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञ फिलहाल इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
अगले 72 घंटे का दृष्टिकोण: ठंड की वापसी तय
मौसम विश्लेषकों का अनुमान है कि जनवरी का अंतिम चरण छत्तीसगढ़ में ठंड की वापसी का संकेत देगा। फरवरी के पहले सप्ताह में भी रात के तापमान में गिरावट की संभावना जारी रह सकती है। पहाड़ी और उत्तरी हिस्सों में कोहरे का दायरा फिर बढ़ सकता है।
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