CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। थाना बसंतपुर पुलिस ने उड़ीसा से राजस्थान ले जाए जा रहे भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा को जब्त किया है। खास बात यह रही कि तस्करों ने गांजा को नारियल की भूसी के भीतर बेहद चालाकी से छिपा रखा था, ताकि चेकिंग से बचा जा सके। जब्त गांजा का कुल वजन 1198.460 किलोग्राम आंका गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ 99 लाख रुपये बताई जा रही है।
नारियल की भूसी बनी तस्करी का जरिया
पुलिस के अनुसार तस्करों ने गांजा को भूरे रंग के टेप से पैक कर नारियल की भूसी के अंदर छिपाया था। ट्रक को इस तरह से लोड किया गया था कि ऊपर से देखने पर यह पूरी तरह वैध नारियल भूसी का परिवहन प्रतीत हो रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्कर लंबे रूट पर इस तरह की खेप भेजने के लिए कृषि उत्पादों और कच्चे माल की आड़ ले रहे थे, ताकि पुलिस और एजेंसियों को शक न हो।
मुखबिर की सूचना पर रात में कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई 28 दिसंबर की रात को की गई। थाना बसंतपुर पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि धनवार बॉर्डर चेक पोस्ट की ओर से एक टाटा ट्रक संदिग्ध तरीके से गुजरने वाला है, जिसमें नारियल की भूसी के अंदर गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने गवाहों के साथ तत्काल घेराबंदी की और बताए गए स्थान पर चेकिंग अभियान शुरू किया।
जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली। प्रारंभिक जांच में ट्रक सामान्य मालवाहक प्रतीत हुआ, लेकिन जब डाले की गहन तलाशी ली गई तो नारियल की भूसी के भीतर छिपाए गए 40 पैकेट गांजा बरामद किए गए। इसके बाद पूरे ट्रक को सील कर जब्ती की कार्रवाई की गई।
तीन अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से तीन अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अम्रीश कुमार, पिता संतलाल, उम्र 23 वर्ष, निवासी पूरे पहलवान शेरशाह समरौता; अम्बरीश कुमार पटेल, पिता जगदेव प्रसाद पटेल, उम्र 33 वर्ष, निवासी शाह मोहम्मद; और मनीष कुमार, पिता रामभवन, उम्र 20 वर्ष, निवासी मैनझर, थाना शिवरतनगंज, जिला अमेठी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अलग-अलग राज्यों से जुड़े हुए हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि यह पूरा मामला अंतर्राज्यीय ड्रग्स नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।
उड़ीसा से राजस्थान तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा उड़ीसा से लोड किया गया था और इसे राजस्थान के विभिन्न शहरों में सप्लाई किया जाना था। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क में कई और लोग भी शामिल हैं, जो सप्लाई, ट्रांसपोर्ट और डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी संभालते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले भी इसी रूट से कितनी खेप भेजी जा चुकी है और किन-किन राज्यों में इस गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ है।
NDPS एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
थाना बसंतपुर में आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा की बरामदगी यह संकेत देती है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे। पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
नशे के खिलाफ अभियान और तेज
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई उसी विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य को ड्रग्स मुक्त बनाना है। पुलिस का कहना है कि तस्करों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों को ध्यान में रखते हुए आने वाले समय में निगरानी और सख्त की जाएगी।
यह कार्रवाई न केवल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक कड़ा संदेश मानी जा रही है। पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि राज्य में ड्रग्स तस्करी से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
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