रायगढ़ जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार पावर कंपनी ने रायगढ़ शहर में नया शहर संभाग और धरमजयगढ़ में नया संभाग प्रारंभ करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसका सीधा लाभ जिले के लाखों उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर उन नागरिकों को जो अब तक बिजली सेवाओं और रख-रखाव संबंधी समस्याओं को लेकर लगातार परेशान रहते थे। रायगढ़ विधानसभा के विधायक और छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से संभव हुई यह बड़ी प्रशासनिक पहल जिले की बिजली व्यवस्था को नई दिशा देने जा रही है।
रायगढ़ शहर में बिजली सेवाओं की बढ़ेगी क्षमता
रायगढ़ में बिजली सेवाओं का दायरा बेहद बड़ा है। शहर में कुल लगभग 54,000 निम्नदाब उपभोक्ता, 56 उच्चदाब उपभोक्ता, 17 उपकेन्द्र, 1521 ट्रांसफार्मर और 232 किलोमीटर 11 केवी लाइनें मौजूद हैं। इतनी बड़ी विद्युत संरचना को अब तक केवल दो जोनों के माध्यम से संभाला जा रहा था। इससे रखरखाव और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान में लगातार देरी की स्थिति बनती थी।
नए आदेश के अनुसार अब रायगढ़ शहर को चार जोनों में विभाजित किया जाएगा और शहर संभाग की स्थापना के साथ बिजली से संबंधित सभी तकनीकी और प्रशासनिक कार्य ज्यादा सुव्यवस्थित तरीके से निपटाए जा सकेंगे। क्षेत्र छोटा होने से मरम्मत कार्य तेजी से होंगे, फॉल्ट ट्रेसिंग आसान होगी और शिकायत निवारण का समय कम होगा।
धरमजयगढ़ को मिली बड़ी सौगात
रायगढ़ शहर की तरह धरमजयगढ़ क्षेत्र में भी ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी नई सुविधा का बड़ा विस्तार हुआ है। इस क्षेत्र में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है, लेकिन बिजली संभाग नहीं होने के कारण स्थानीय उपभोक्ताओं को रोजमर्रा की समस्याओं के लिए रायगढ़ स्थित संभागीय कार्यालय तक जाना पड़ता था। अब नए संभाग की स्थापना के बाद धरमजयगढ़, घरघोड़ा, लैलूंगा, तमनार, कापू हाटी समेत आसपास के क्षेत्रों में बिजली सेवाओं की समस्या यहीं पर सुलझाई जाएंगी।
इस निर्णय से उपभोक्ताओं को न केवल राहत मिलेगी बल्कि औद्योगिक और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली प्रबंधन की दक्षता भी बढ़ेगी। प्रशासनिक निगरानी भी बेहतर होगी और फील्ड टीमों की गतिविधियों पर कंट्रोल आसान बनेगा।
ऊर्जा संरचना में सुधार का होगा व्यापक लाभ
रायगढ़ में नया शहर संभाग और धरमजयगढ़ में नया संभाग शुरू होने से आने वाले समय में बिजली सेवाओं की संरचना अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि नए आदेश संसाधनों के विस्तार और रखरखाव में तेजी लाएंगे। अब मरम्मत कार्य के लिए अलग-अलग इलाकों में विशेष टीम तैनात होंगी, जिससे बिजली बाधित होने की घटनाओं में कमी आएगी।
नए जोन कार्यालयों के साथ शहर संभाग बनना उपभोक्ताओं के लिए वरदान साबित होगा। इससे शिकायत निवारण सिस्टम सटीक और समयबद्ध हो सकेगा। बिजली कंपनी प्रक्रियाओं की निगरानी और रिपोर्टिंग पर ज्यादा ध्यान दे सकेगी, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सख्ती आएगी।
विधायक ओ.पी. चौधरी की भूमिका चर्चा में
बिजली संरचना में इस बड़े परिवर्तन के पीछे रायगढ़ के विधायक और प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की भूमिका अहम मानी जा रही है। उपभोक्ताओं की समस्या को लेकर उन्होंने यह विषय उठाया और संबंधित विभागों से निरंतर चर्चा कर समाधान की दिशा में तेज़ी लाई। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक बिजली सेवा गुणवत्ता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
उपभोक्ताओं के लिए अब त्वरित सुविधा
नए आदेश लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं को अब न तो लम्बी प्रक्रियाओं से जूझना पड़ेगा और न ही मामूली तकनीकी समस्याओं पर रायगढ़ शहर के मुख्यालय तक आना पड़ेगा। धरमजयगढ़ संभाग कार्यालय शुरू होने से जन-हित के कार्य स्थानीय स्तर पर ही निपटाए जाएंगे।
जल्द ही इसके लिए कार्यालय भवन, जनशक्ति व्यवस्था और तकनीकी ढांचे का विस्तार भी होगा। जैसे-जैसे सिस्टम मजबूत होगा, उपभोक्ताओं को 24×7 बिजली आपूर्ति, कम फॉल्ट और त्वरित सेवा का बेहतर अनुभव मिलेगा।
आगामी समय में और सुधार की उम्मीद
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस कदम के बाद बिजली उपभोक्ताओं के बोझ और समस्याओं में 40% तक कमी आ सकती है। नए शहर संभाग के संचालन से शहरी विकास और बिजली सेवा नेटवर्क में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र धरमजयगढ़ में आर्थिक गतिविधियां और ऊर्जा आधारित विकास की रफ्तार में तेजी आएगी।
यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। चार जोनों के गठन के बाद अब हर क्षेत्र में बिजली संबंधी जिम्मेदारियां अलग-अलग अधिकारियों के हाथ में होंगी। सिस्टम में जवाबदेही और प्रदर्शन दोनों में सुधार दिखाई देगा।
अंत में—जिले के ऊर्जा ढांचे को मिली नई दिशा
रायगढ़ जिले में पावर कंपनी की यह पहल न केवल एक सेवा सुधार है बल्कि दीर्घकालीन विकास रणनीति का संकेत भी है। सरकार और बिजली विभाग के इस प्रयास से बिजली सेवाओं की जटिलताएं कम होंगी और उपभोक्ता अनुभव बेहतर होगा। शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उर्जा आधारित विकास का नया चरण शुरू होने जा रहा है।
यह कदम न केवल वर्तमान रहवासियों बल्कि आगामी औद्योगिक निवेश और सामाजिक ढांचागत विकास के लिए भी आधारशिला साबित होगा।



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