CG News: महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ (MMC) जोन में माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। दर्रेकसा एरिया कमेटी के कमांडर सहित दो एरिया कमेटी मेंबर (ACM) ने महाराष्ट्र के गोंदिया में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। तीनों पर कुल ₹20 लाख का इनाम घोषित था। इस सरेंडर को तीनों राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इन माओवादियों की तलाश की जा रही थी।
कौन-कौन माओवादी हुए आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वालों में दर्रेकसा एरिया कमेटी का कमांडर रोशन उर्फ मारा इरिया वेदजा (35) शामिल है। वह छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के मेंदरी गांव का रहने वाला है और उस पर ₹8 लाख का इनाम घोषित था।
उसके साथ बीजापुर जिले की उसूर तहसील के वेरापल्ली निवासी सुभाष उर्फ पोज्जा बंडू राववा (26) और नारायणपुर जिले के रेखापाल गांव के रहने वाले रतन उर्फ मनकू ओमा पोय्याम (25) ने भी हथियार डाल दिए। इन दोनों पर ₹6–6 लाख का इनाम था।
गोंदिया में SP कार्यालय पहुंचकर किया सरेंडर
तीनों माओवादियों ने गोंदिया स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह सरेंडर किसी एक दिन की प्रक्रिया नहीं बल्कि लगातार चल रही रणनीतिक कार्रवाई और संवाद का परिणाम है। तीनों राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां लंबे समय से इन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास कर रही थीं।
संगठन के भीतर असुरक्षा बनी वजह
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माओवादी संगठन के भीतर बढ़ती असुरक्षा, लगातार हो रही सुरक्षाबलों की कार्रवाई और नेतृत्व स्तर पर दबाव के चलते इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण का फैसला किया। इसके अलावा, सामान्य जीवन में लौटने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की इच्छा भी इस निर्णय की अहम वजह रही।
MMC जोन में अब सिर्फ एक माओवादी शेष
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस सरेंडर के बाद MMC जोन में अब केवल एक माओवादी रंजीत के सक्रिय होने की जानकारी है। दावा किया जा रहा है कि उस पर भी दबाव बढ़ चुका है और जल्द ही उसके आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो MMC जोन लगभग पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त माना जाएगा।
पहले भी हो चुके हैं बड़े आत्मसमर्पण
पिछले कुछ हफ्तों में माओवादियों के आत्मसमर्पण की यह कोई पहली घटना नहीं है।
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28 नवंबर को MMAC जोन के प्रवक्ता और JRB डिवीजन के इंचार्ज विकास नागपुरे उर्फ रमेश सय्याना भास्कर सहित 10 माओवादियों ने गोंदिया पुलिस के सामने हथियार डाले थे।
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7 दिसंबर को 11 माओवादियों ने बालाघाट पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
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8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता तब मिली, जब एक करोड़ पांच लाख रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी नेता रामधेर ने अपने 11 साथियों के साथ अविभाजित राजनांदगांव जिले में आत्मसमर्पण किया।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता
इन लगातार हो रहे सरेंडरों को सुरक्षा एजेंसियां MMC जोन में माओवादी नेटवर्क के टूटने का संकेत मान रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त रणनीति, विकास योजनाओं और पुनर्वास नीति के चलते माओवादी हिंसा से जुड़े लोग मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं।
आगे क्या होगा असर
MMC जोन में माओवादी गतिविधियों के लगभग खत्म होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है। इसके साथ ही विकास कार्यों में तेजी आने और ग्रामीण इलाकों में सामान्य जीवन बहाल होने का रास्ता भी साफ माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह माओवादी हिंसा के खिलाफ लड़ाई का निर्णायक चरण साबित हो सकता है।
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