Thursday, February 5, 2026
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CG Board Exam 2026: 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र पैटर्न में बड़ा बदलाव | अब जानिए कितने अंकों के कितने प्रश्न आएंगे

CG Board Exam 2026: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। यह निर्णय छात्रों को कॉम्पिटिटिव एग्जाम की तैयारी में सक्षम बनाने और एजुकेशन मॉडल को अधिक प्रैक्टिकल और स्किल-बेस्ड बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। नए पैटर्न का लाभ सीधा उन छात्रों को मिलेगा, जो आगे UPSC, CGPSC, बैंकिंग, रेलवे, SSC जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं।

क्यों किया गया बदलाव

माशिमं की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि देश भर में शिक्षा प्रणाली तेजी से बदल रही है, इसलिए बोर्ड परीक्षाओं को भी आधुनिक स्वरूप देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नए पैटर्न में बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्नों की संख्या पहले की तुलना में ज्यादा होगी, ताकि विद्यार्थियों में चॉइस-बेस्ड एप्रोच, लॉजिकल एनालिसिस और कंसेप्ट क्लैरिटी की क्षमता विकसित हो।


नया मार्किंग पैटर्न – Know How Many Questions and Marks

सचिव के अनुसार, प्रश्न पत्र में अब विभिन्न स्तरों की क्षमता जाँचने के लिए निम्न प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं:

क्षमता आधारित प्रश्न प्रतिशत
ज्ञानात्मक (Knowledge-based) 20%
अवबोधात्मक (Understanding) 25%
अनुप्रयोगात्मक (Application) 25%
विश्लेषणात्मक (Analytical) 10%
मूल्यांकन (Evaluation) 10%
रचनात्मक (Creative) 10%

कितने प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे

नए मॉडल अनुसार प्रश्नों का पूरा विभाजन इस प्रकार है:

प्रश्न का प्रकार संख्या अंक
वस्तुनिष्ठ (MCQ) 15 प्रश्न 1-1 अंक (कुल 15)
लघु उत्तरीय-1 3 प्रश्न 2-2 अंक (कुल 6)
लघु उत्तरीय-2 6 प्रश्न कुल 18 अंक
दीर्घ उत्तरीय-1 4 प्रश्न 5-5 अंक (कुल 20)
दीर्घ उत्तरीय-2 2 प्रश्न 5-5 अंक (कुल 10)
अति दीर्घ उत्तरीय 1 प्रश्न 6 अंक

इस प्रकार, पेपर का कुल अंक भार 100 अंक रहेगा, लेकिन पैटर्न अब पूरी तरह स्किल-ओरिएंटेड और कॉन्सेप्ट-बेस्ड पर केंद्रित होगा।


नए पैटर्न के फायदे

  • कॉम्पिटिटिव एग्जाम का प्रारंभिक अनुभव बोर्ड स्तर पर ही मिलेगा

  • छात्रों की लॉजिकल और क्रिटिकल थिंकिंग में बढ़ोतरी

  • रटने से ज्यादा समझ और विश्लेषण पर जोर

  • अधिक MCQ होने से समय प्रबंधन और एक्यूरेसी का विकास

  • रिजल्ट और मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और मानकीकृत बनेगी


शिक्षकों और छात्रों की प्रतिक्रिया

कई शिक्षकों का मानना है कि यह बदलाव छात्रों को वास्तविक ज्ञान आधारित शिक्षा की ओर ले जाएगा। वहीं छात्र भी इस निर्णय को सकारात्मक बता रहे हैं, क्योंकि अब प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव पहले से कम होगा।

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