Thursday, February 5, 2026
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Srinagar Blast: नौगाम पुलिस स्टेशन में बड़ा धमाका, 8 घायल; 3 की हालत गंभीर, विस्फोटक सामग्री की जांच के दौरान घटना

Srinagar Blast: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम इलाके में शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब नौगाम पुलिस स्टेशन के भीतर अचानक जोरदार विस्फोट हुआ। इस धमाके में कम से कम 8 लोग घायल हुए, जिसमें 3 की हालत गंभीर बनी हुई है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन परिसर में खड़ी कई गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं और पूरा इलाका दहल उठा।

11:20 बजे रात के करीब हुआ धमाका

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह हादसा रात 11:20 बजे के आसपास हुआ। तेज धमाके के तुरंत बाद पुलिस स्टेशन के भीतर आग भड़क उठी और धुएं का बड़ा गुबार आसमान में फैल गया। मौके पर मौजूद कर्मियों ने बताया कि धमाके की गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के घरों की खिड़कियां भी हिल गईं।

फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, जबकि पुलिस और फॉरेंसिक टीमें परिसर में फैले मलबे और विस्फोटक अवशेषों की जांच में जुट गईं।


विस्फोट के समय क्या हो रहा था?

प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाके के वक्त पुलिस स्टेशन के भीतर J&K पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की संयुक्त टीम जांच में व्यस्त थी। वे उन विस्फोटक सामग्रियों का सर्वेक्षण कर रहे थे जो हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद में की गई बड़ी छापेमारी के दौरान बरामद की गई थीं।

इन छापों में लगभग:

  • 2,900 किलो IED बनाने की सामग्री

  • अमोनियम नाइट्रेट

  • अन्य विस्फोटक अवयव

जब्त किए गए थे। यह पूरा पदार्थ जांच के लिए नौगाम पुलिस स्टेशन में सुरक्षित रखा गया था।

धमाके का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन अधिकारियों ने यह जरूर कहा है कि विस्फोट उसी समय हुआ जब टीम इन सामग्रियों की जांच कर रही थी। यह जांच की जा रही है कि कहीं यह रासायनिक प्रतिक्रिया या किसी तकनीकी त्रुटि के कारण तो नहीं हुआ।


घायल हुए लोगों की हालत

धमाके में घायल आठों लोगों में कई पुलिस कर्मी और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत श्रीनगर के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।

अन्य घायलों को भी प्राथमिक उपचार के बाद निगरानी में रखा गया है। हादसे के बाद पुलिस स्टेशन परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया है।


कई वाहनों में लगी आग

धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके प्रभाव से पुलिस स्टेशन में खड़ी कई गाड़ियां आग की चपेट में आ गईं। फायरफाइटर्स ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण किया। वाहनों के जलने के कारण परिसर में धुआं फैल गया, जिससे राहत और बचाव कार्य कठिन हो गया था।


इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल से जुड़ी जांच चल रही थी

यह विस्फोट ऐसे समय हुआ है जब जम्मू-कश्मीर पुलिस एक बड़े अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर चुकी है। इस मॉड्यूल के तार कई राज्यों से जुड़े थे।

अब तक की जांच में:

  • 7 स्थानीय युवकों को पोस्टर मामले में गिरफ्तार किया गया।

  • बाद में डॉ. अदील अहमद राथर की गिरफ्तारी।

  • फिर डॉ. मुझामिल अहमद गनाई उर्फ़ मुसैब को पकड़ा गया।

पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग भारत विरोधी संगठनों से जुड़े थे और फंडिंग, लॉजिस्टिक्स, हथियार खरीद, तथा बम बनाने की सामग्री जुटाने में शामिल थे।

उनकी गिरफ्तारी के बाद ही कई राज्यों में छापेमारी की गई, जिनमें भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ था — वही सामग्री नौगाम थाने में जांच के लिए रखी गई थी।


पोस्टर केस से खुली कड़ियां

19 अक्टूबर को नौगाम पुलिस ने इलाके में लगाए गए प्रो-जैश-ए-मोहम्मद पोस्टर हटाते हुए जांच शुरू की थी।
इसी जांच ने पूरे नेटवर्क को उजागर किया और गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू हुआ।

अब धमाका होने के बाद जांच और जटिल हो गई है, क्योंकि वही बरामद सामग्री हादसे का संभावित कारण मानी जा रही है।


धमाके का कारण क्या था? आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी

भले ही प्रारंभिक रिपोर्टें विस्फोटक सामग्री की मौजूदगी को प्राथमिक कारण मान रही हों, परंतु पुलिस ने अभी तक:

  • विस्फोट का वास्तविक कारण

  • विस्फोटक के सक्रिय होने की प्रक्रिया

  • किसी मानवीय त्रुटि की भूमिका

  • या किसी अन्य तकनीकी कारण

इनमें से किसी पर भी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।

अधिकारियों ने कहा है कि फॉरेंसिक जांच के बाद ही सच सामने आएगा।


पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के तुरंत बाद:

  • पुलिस स्टेशन को सील कर दिया गया

  • हाई-ग्रेड फॉरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल पर पहुंचे

  • बम निरोधक दस्ता सक्रिय किया गया

  • आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई

  • वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया

श्रीनगर में भी रातभर गश्त बढ़ा दी गई।


अगले 48 घंटे होंगे महत्वपूर्ण

जांच अधिकारी के अनुसार, घटनास्थल से मिले अवशेषों का विश्लेषण अगले 48 घंटों में पूरा किया जा सकता है। इस विश्लेषण से ही यह तय होगा कि:

  • यह रासायनिक विस्फोट था

  • किसी सामग्री की गलत हैंडलिंग से हादसा हुआ

  • या कोई अतिरिक्त बाहरी हस्तक्षेप हुआ

फिलहाल, यह मामला सुरक्षा एजेंसियों के लिए उच्च प्राथमिकता पर है।


निष्कर्ष

नौगाम पुलिस स्टेशन में हुआ यह धमाका जम्मू-कश्मीर में चल रही सुरक्षा चुनौतियों को फिर एक बार सामने लाता है। इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल की जांच के बीच ऐसा हादसा कई सवाल खड़े करता है, खासकर जब इतनी बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट और IED सामग्री पुलिस की कस्टडी में थी।

जांच जारी है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में धमाके का सटीक कारण सामने आ जाएगा।

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