Friday, February 6, 2026
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Jashpur News: बगीचा में 108 कुण्डीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ का भूमि पूजन सम्पन्न, आदर्श दीदी बोलीं – “गिरजा गिरे न मस्जिद टूटे, वह मंदिर निर्माण करें जो जन-जन में देवत्व जगाए” 10 से 13 दिसम्बर तक होगा चार दिवसीय महायज्ञ, राष्ट्र जागरण और संस्कार संवर्धन का होगा संदेश प्रसार

Jashpur News: अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में बगीचा में आयोजित होने वाले 108 कुण्डीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ की तैयारियों का शुभारंभ रविवार, 9 नवम्बर को विधिवत भूमि पूजन समारोह के साथ हुआ।
यह आयोजन बगीचा के हाई स्कूल के पास दशहरा ग्राउंड में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ।


वैदिक विधि से हुआ भूमि पूजन

भूमि पूजन कार्यक्रम में गायत्री परिवार प्रज्ञापीठ, बगीचा के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चारण और शांति यज्ञ के साथ भूमि पूजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में शांतिकुंज प्रतिनिधि सुखदेव निर्मलकर, छत्तीसगढ़ जोन प्रभारी आदर्श दीदी, युवा प्रकोष्ठ समन्वयक ओम प्रकाश राठौर, उपजोन समन्वयक एस. जे. द्विवेदी, सह समन्वयक डी. आर. चौहान, जिला समन्वयक काशीराम श्रीवास, ट्रस्टी सहादुल सिंह समेत जिले और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

मुख्य यजमान के रूप में विकास अग्रवाल एवं विक्रम बरार ने सपत्नीक देव आह्वान किया।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभात सिदाम, उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा, समाजसेवी सज्जन जैन, बजरंग अग्रवाल, संतोष गुप्ता, रमेश गुप्ता सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।



आदर्श दीदी का प्रेरणादायी संदेश

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ जोन प्रभारी आदर्श दीदी ने कहा —

“हम ऐसा मंदिर बनाएं जो मनुष्य के भीतर बसे देवत्व को जगाए। गिरजा गिरे न मस्जिद टूटे, बल्कि हर व्यक्ति के भीतर सत्य, करुणा और सद्भाव का मंदिर निर्मित हो। यही सच्ची पूजा है और यही राष्ट्र निर्माण का मार्ग है।”

उन्होंने कहा कि गायत्री महायज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक उत्थान का माध्यम है। इससे व्यक्ति में शुद्ध विचार, व्यसनमुक्ति की प्रेरणा और समाज में समरसता का भाव उत्पन्न होता है।


10 से 13 दिसम्बर तक होगा भव्य महायज्ञ

भूमि पूजन के साथ ही बगीचा में आयोजित होने वाले चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ (10 से 13 दिसम्बर 2025) की तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
इस दौरान शांतिकुंज, हरिद्वार से आए प्रज्ञा पुरोहितों द्वारा राष्ट्र जागरण, संस्कार संवर्धन और जनजागरण के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

आयोजन समिति के अनुसार, यह महायज्ञ सामूहिक साधना और सांस्कृतिक चेतना जागरण का प्रतीक होगा, जिसमें हज़ारों श्रद्धालु भाग लेंगे।



सुखदेव निर्मलकर ने बताया— “देवकार्य से जागेगा जन-जन में पवित्रता का भाव”

शांतिकुंज प्रतिनिधि सुखदेव निर्मलकर ने बताया कि 108 कुण्डीय महायज्ञ के लिए व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा —

“यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि राष्ट्र सशक्तिकरण और चरित्र निर्माण का उत्सव है। इससे जन-जन में पवित्रता और देवत्व का भाव जाग्रत होगा। समाज में व्यसनमुक्ति, नैतिकता और शिक्षा के प्रसार के लिए यह यज्ञ निर्णायक भूमिका निभाएगा।”


गायत्री परिवार का सात सूत्रीय आंदोलन

आयोजन के दौरान वक्ताओं ने गायत्री परिवार के सप्त-सूत्रीय आंदोलन पर प्रकाश डाला, जिनमें शामिल हैं —

  1. शिक्षा का प्रसार

  2. स्वास्थ्य का संवर्धन

  3. नशा उन्मूलन

  4. सत्संकल्प पाठ का प्रचार

  5. व्यक्ति निर्माण

  6. परिवार निर्माण

  7. राष्ट्र निर्माण

इन सूत्रों के माध्यम से समाज में नैतिक चेतना, आध्यात्मिक उन्नयन और सामाजिक एकता की भावना मजबूत करने का संदेश दिया गया।



जन-भागीदारी और आमंत्रण

गायत्री परिवार, प्रज्ञापीठ बगीचा ने सभी श्रद्धालुओं और नगरवासियों से आह्वान किया है कि वे इस दिव्य यज्ञ महोत्सव में सपरिवार सम्मिलित होकर राष्ट्र निर्माण के इस अभियान में सहभागी बनें।
आयोजन समिति ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर निःशुल्क आवास, भंडारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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