Raigarh News: जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि उसके साथ मौजूद नाबालिग दोस्त की लात-घूंसों से पिटाई की। यह वारदात शुक्रवार देर रात पाकुट डैम के पास की है। पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, पीड़िता शुक्रवार को अपने एक नाबालिग दोस्त के साथ पहाड़ लुड़ेग मेला देखने गई थी। रात करीब 12 बजे दोनों मेला देखकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में चार युवक — रमेश भोई, गुरुचरण प्रजा, संजय सिदार और विकास सिदार (सहयोगी) ने उनका रास्ता रोक लिया।
जब लड़की के दोस्त ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे लात-घूंसे से बेरहमी से पीटा और लड़की को जबरन पास के पाकुट डैम की ओर खींच ले गए। वहां तीन आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि चौथा आरोपी पूरी वारदात में सहयोगी बना रहा।
वारदात के बाद आरोपी युवती को बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह पीड़िता अपने दोस्त की मदद से घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
12 घंटे के भीतर चारों आरोपी गिरफ्तार
परिजनों की शिकायत पर लैलूंगा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस की तीन टीमों ने तलाशी अभियान चलाया और महज 12 घंटे के भीतर ही तोलगे गांव निवासी रमेश भोई, गुरुचरण प्रजा, संजय सिदार और विकास सिदार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी 19 से 22 वर्ष की उम्र के हैं और स्थानीय निवासी हैं। उनके खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट और पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
एसडीओपी सिद्धांत तिवारी ने बताया —
“पीड़िता और उसके दोस्त के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मेडिकल जांच पूरी कर ली गई है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले की गहन जांच जारी है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इलाके में आक्रोश
घटना के बाद लैलूंगा और आसपास के गांवों में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों ने कहा कि मेले जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही बरती गई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रात के समय गांव-कस्बों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
जिला प्रशासन और महिला आयोग भी सक्रिय
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने भी रिपोर्ट तलब की है।
सूत्रों के अनुसार, महिला आयोग इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने की तैयारी कर रहा है और पीड़िता को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
पुलिस का संदेश — “अपराधियों को नहीं छोड़ा जाएगा”
रायगढ़ पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि महिला और नाबालिगों से जुड़े अपराधों में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
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