Raigarh News: कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर रायगढ़ जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नकेल कसने के लिए खनिज विभाग की टीम ने सोमवार को तड़के बड़ी कार्रवाई की। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह विशेष अभियान 05 नवम्बर 2025 की सुबह 8 बजे से शुरू किया गया।
अभियान के दौरान विभागीय टीम ने 12 वाहनों को जब्त किया, जो बिना अनुमति रेत का उत्खनन और परिवहन करते पकड़े गए।
लेबड़ा क्षेत्र से जब्त हुए 10 ट्रैक्टर
जांच के दौरान लेबड़ा (तहसील रायगढ़) क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते हुए 10 ट्रैक्टर पकड़े गए। इनमें से
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6 ट्रैक्टरों को थाना भूपदेवपुर की अभिरक्षा में रखा गया है,
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जबकि 4 ट्रैक्टरों को कलेक्टर कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
इन वाहनों से संबंधित सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है, वहीं चालकों और मालिकों से पूछताछ जारी है।

अमलीभौना क्षेत्र से जब्त हुए 2 हाईवा वाहन
इसी तरह अमलीभौना क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे 2 हाईवा ट्रक भी जब्त किए गए। इन्हें भी कलेक्टर कार्यालय परिसर में खड़ा किया गया है।
इस प्रकार एक ही दिन में कुल 12 वाहन जब्त कर विभाग ने कड़ा संदेश दिया है कि रेत माफिया पर अब सख्त कार्रवाई होगी।
कानूनी कार्रवाई शुरू, दोषियों पर होगी सख्त सजा
खनिज विभाग ने बताया कि सभी जब्त वाहनों के चालकों और मालिकों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2025 एवं खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और वाहनों की स्थायी जब्ती जैसी सज़ा शामिल हो सकती है।

अभियान में खनिज विभाग की पूरी टीम रही सक्रिय
आज की कार्रवाई में
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वरिष्ठ खनिज निरीक्षक श्री आशीष गड़पाले,
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खनिज निरीक्षक श्री सोमेश्वर सिन्हा,
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तथा जिला खनिज अमला की टीम शामिल रही।
टीम ने रेत के अवैध भंडारण स्थलों की भी जांच की और स्थानीय पुलिस बल की मदद से वाहनों को कब्जे में लिया।
जिला खनिज अधिकारी बोले — अभियान लगातार जारी रहेगा
जिला खनिज अधिकारी श्री रमाकांत सोनी ने बताया कि जिले में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर नियंत्रण के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा।
उन्होंने कहा —
“रेत माफियाओं या अवैध उत्खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।”
लगातार शिकायतों के बाद हुई सख्त कार्रवाई
खनिज विभाग को पिछले कुछ हफ्तों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले के कुछ क्षेत्रों में बिना अनुमति रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है।
इस पर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने तत्काल सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने स्थानीय ग्रामीणों से भी जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि कई ट्रैक्टर देर रात नदी किनारे से रेत भरकर ले जाते हैं।
अब प्रशासन ने तय किया है कि रात के समय भी निगरानी बढ़ाई जाएगी और CCTV व ड्रोन सर्विलांस की व्यवस्था की जाएगी।
रेत का अवैध कारोबार: पर्यावरण और राजस्व दोनों के लिए खतरा
रेत का अवैध उत्खनन न केवल पर्यावरणीय असंतुलन पैदा करता है, बल्कि राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान भी पहुंचाता है।
जिला प्रशासन ने इस पर रोक लगाने के लिए पिछले कुछ महीनों में कई नदियों और खदान क्षेत्रों को संवेदनशील जोन में शामिल किया है।

अवैध उत्खनन की निगरानी के लिए खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन के बीच संयुक्त समन्वय की योजना बनाई गई है।
जिला प्रशासन की चेतावनी
कलेक्टर कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है —
“रेत का उत्खनन या परिवहन केवल वैध परमिट और खनन पट्टा धारकों के माध्यम से ही किया जा सकता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति रेत की खुदाई या बिक्री को आपराधिक अपराध माना जाएगा।”
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या खनिज विभाग को दें।

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